नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। इन दिनों पूरी दुनिया में एक शख्स की चर्चा की जा रही है। उसका नाम सलवान मोमिका है। सलवान इराकी नागरिक था जिसका शव स्वीडन में मिला। दरअसल उसने कुछ दिनों पहले इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ कुरान की कई प्रतियों को जलाया था। 29 जनवरी को उसकी डेड बॉडी जब मिली तो उसपर गोली लगने के निशान थे।
कुरान जलाने के कारण चर्चा में आया
मोमिका 2023 में तब चर्चा में आया जब उसने स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की एक प्रमुख मस्जिद के सामने इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ कुरान की प्रतियां जला दीं। इस घटना के बाद कई मुस्लिम देशों में विरोध प्रदर्शन हुए थे और उस पर केस भी दर्ज हुआ था। स्टॉकहोम की अदालत में उस पर चल रहे मामले का फैसला गुरुवार को आना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या हो गई।
टिकटॉक लाइव के दौरान मारी गई गोली
स्वीडिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 38 वर्षीय सलवान मोमिका की 29 जनवरी को स्टॉकहोम के पास सॉडेटेलिए इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त वह टिकटॉक पर लाइव-स्ट्रीमिंग कर रहा था। वीडियो में दिखा कि गोली लगने के बाद पुलिस ने उसका फोन उठाया और लाइव-स्ट्रीम बंद कर दिया। मोमिका का अतीत विवादों से भरा रहा है। वह पहले इराकी मिलिशिया संगठन ‘इमाम अली ब्रिगेड्स’ से जुड़ा था, जिस पर युद्ध अपराधों के आरोप लगते रहे हैं। साल 2017 में वह इराक के मोसुल शहर के बाहरी इलाके में एक हथियारबंद समूह चलाता था। 2018 में, एक अन्य ईसाई मिलिशिया संगठन ‘बेबीलोन ब्रिगेड्स’ के प्रमुख रेयान अल-कलदानी से सत्ता संघर्ष के बाद उसे इराक छोड़ना पड़ा था।
हत्या पर उठ रहे सवाल
मोमिका की हत्या को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कुरान जलाने की घटना से जुड़ा हुआ हो सकता है, जबकि कुछ इसे आपसी दुश्मनी का नतीजा बता रहे हैं। फिलहाल, स्वीडिश पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। सलवान मोमिका की हत्या पर दुनियाभर में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मुस्लिम देशों में इसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चाएं हो रही हैं, जबकि कुछ संगठनों ने इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है। स्वीडिश पुलिस इस हत्या की गहन जांच कर रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर कौन था और इसके पीछे क्या मकसद था। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।




