नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। भारत के शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सोमवार को सेंसेक्स 1600 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 75,900 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 23,500 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों में डर का माहौल बन गया है।
तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल
दरअसल, इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की चेतावनी दी है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
महंगाई बढ़ने का खतरा
तनाव बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड भी तेजी से ऊपर गया है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है। तेल की कीमत बढ़ने का असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की संभावना है, जिससे ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। यानी आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली है। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में कमजोरी रही। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया, जहां डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तनाव और महंगे तेल ने शेयर बाजार को झटका दिया है। अगर हालात में जल्द सुधार नहीं होता है, तो बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।





