नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने पिछले तीन वर्षों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह कार्रवाई कंपनी के नैतिकता नियमों (Ethical Breaches) के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
किन कारणों से हुई बर्खास्तगी?
एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन के मुताबिक, बर्खास्त किए गए कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप थे। इनमें विमान से सामान की तस्करी, यात्रियों को बिना शुल्क अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति देना और ‘एम्प्लाई लीजर ट्रैवल’ (ELT) सिस्टम का दुरुपयोग शामिल है।
कंपनी को हुआ बड़ा नुकसान
कंपनी पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। अनुमान के मुताबिक कारोबारी साल 2026 में एयर इंडिया ग्रुप को 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हो सकता है। साथ ही ईंधन की बढ़ती कीमतों ने भी कंपनी की लागत बढ़ा दी है।
कर्मचारियों की गतिविधियों पर जांच
एयर इंडिया में लगभग 24,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी ने बताया कि ELT सिस्टम के दुरुपयोग के चलते 4,000 से अधिक कर्मचारियों की जांच की गई, जिनमें से कई पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को नौकरी से निकाल दिया गया।
सीईओ का सख्त संदेश
सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा कि कर्मचारियों को तब भी सही आचरण करना चाहिए जब उन पर कोई नजर न रख रहा हो। उन्होंने साफ किया कि ‘टाटा कोड ऑफ कंडक्ट’ का पालन सभी के लिए अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एयर इंडिया की यह कार्रवाई कंपनी में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में और सख्त नियम लागू किए जाने की संभावना है।





