नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के बीच भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल देशभर में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सोना न खरीदने’ वाली अपील के बाद गोल्ड मार्केट में भी हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल स्थिर हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
12 मई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। तेल कंपनियों ने पुराने रेट ही जारी रखे हैं।
आज पेट्रोल-डीजल की कीमतें
दिल्ली ₹94.77 ₹87.67
मुंबई ₹103.54 ₹90.03
कोलकाता ₹105.45 ₹92.02
चेन्नई ₹100.80 ₹92.39
बेंगलुरु ₹102.92 ₹90.99
हैदराबाद ₹107.41 ₹95.65
अहमदाबाद ₹94.56 ₹90.25
पटना ₹105.18 ₹92.04
पोर्ट ब्लेयर ₹82.46 ₹78.05
क्यों बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी चिंताओं के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगातार महंगा हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल समझदारी से करें और सोलर एनर्जी, इथेनॉल ब्लेंडिंग जैसे विकल्पों को अपनाएं।
क्या सोने-चांदी पर बढ़ेगी इंपोर्ट ड्यूटी?
प्रधानमंत्री मोदी की ‘एक साल तक सोना न खरीदें’ वाली अपील के बाद बाजार में चर्चा शुरू हो गई थी कि सरकार सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा सकती है। इससे ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। हालांकि अब सरकारी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सरकार टैक्स बढ़ाने के बजाय लोगों को जागरूक करने की रणनीति अपना रही है।
भारत में क्यों अहम है सोने का आयात?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता और सबसे बड़ा सिल्वर उपभोक्ता माना जाता है। FY2025 में भारत ने करीब 58 से 60 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो अब तक के सबसे बड़े स्तरों में शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक यूनियन बजट 2024 में कस्टम ड्यूटी 15% से घटाकर 6% किए जाने के बाद सोने का आयात तेजी से बढ़ा।
FMCG प्रोडक्ट्स भी हो सकते हैं महंगे
अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो इसका असर रोजमर्रा के सामानों पर भी पड़ सकता है। कंपनियों की लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग लागत बढ़ने से FMCG सेक्टर में महंगाई बढ़ने की आशंका है।
किन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं?
साबुन और डिटर्जेंट, डिश वॉश और हैंडवॉश, बिस्किट और नमकीन, पैकेज्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और जूस चाय और कॉफी कई कंपनियां कीमतें बढ़ाने या पैकेट का साइज छोटा करने की तैयारी में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की थी कि वे फिलहाल गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालें, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और विदेश यात्राओं में भी सावधानी बरतें। सरकार को आशंका है कि अगर मिडिल ईस्ट संकट और बढ़ा तो तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।





