नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है. इसके बाद देशभर में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सरकार भविष्य में सोने की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा सकती है? भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और धार्मिक आयोजनों में सोने का खास महत्व माना जाता है।
क्या सरकार सोने की खरीद पर बैन लगा सकती है?
तकनीकी रूप से सरकार के पास सोने के आयात, व्यापार और खरीद-बिक्री को नियंत्रित करने का अधिकार होता है. सरकार नियमों और टैक्स के जरिए सोने के बाजार को प्रभावित कर सकती है. हालांकि पूरी तरह से बैन लगाना आसान नहीं माना जाता। भारत में पहले भी सोने को लेकर सख्त कानून लागू किए जा चुके हैं. साल 1968 में लागू किए गए Gold Control Act के तहत लोगों के पास सोना रखने और व्यापार करने पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं. बाद में 1990 में आर्थिक सुधारों के दौरान इस कानून को हटा दिया गया।
सरकार पहले ही कर चुकी है कई सख्त नियम लागू
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने सोने की खरीद और आयात को लेकर कई नियम सख्त किए हैं। सोने के आयात पर भारी कस्टम ड्यूटी लगाई गई, हॉलमार्किंग अनिवार्य की गई बड़ी खरीदारी पर PAN कार्ड जरूरी किया गया 2 लाख रुपये से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई 10 लाख रुपये से अधिक की खरीद पर आय के स्रोत की जानकारी मांगी जा सकती है। इन नियमों का मकसद टैक्स चोरी और काले धन पर रोक लगाना बताया जाता है।
क्यों बढ़ सकती है सरकार की सख्ती?
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है. देश में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर सोना विदेशों से आता है. इससे डॉलर में भुगतान बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। अगर भविष्य में आर्थिक संकट गहराता है, विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है या व्यापार घाटा बढ़ता है, तो सरकार सोने के आयात और खरीद पर और सख्ती कर सकती है।
पूरी तरह बैन लगने की संभावना कितनी?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे देश में सोने की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना बेहद मुश्किल होगा. इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय समाज में सोने का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। हालांकि सरकार जरूरत पड़ने पर आयात शुल्क बढ़ा सकती है, बड़े लेन-देन पर निगरानी सख्त कर सकती है और लोगों को कम सोना खरीदने के लिए जागरूक अभियान चला सकती है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर सरकार सोने पर सख्ती बढ़ाती है तो इसका असर सबसे ज्यादा ज्वेलरी कारोबार और निवेशकों पर पड़ सकता है. सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और खरीदारी महंगी हो सकती है। इसके अलावा शादी और त्योहारों के सीजन में भी बाजार पर असर देखने को मिल सकता है. वहीं सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत और आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।





