नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी बिकवाली शुरू हो गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 690 अंक टूटकर 76,638 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी भी 206 अंक लुढ़ककर 23,970 के नीचे पहुंच गया। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल मानी जा रही है।
क्यों टूटा शेयर बाजार?
ब्रेंट क्रूड ऑयल 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया में तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बना हुआ है। सप्लाई चेन प्रभावित होने और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट की आशंका से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। निवेशक फिलहाल डॉलर और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 0.81% चढ़ा दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.67% उछला ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 करीब 0.71% गिरा वैश्विक तनाव के बावजूद कुछ बाजारों में खरीदारी देखने को मिली।
अमेरिकी बाजार में क्या हुआ?
अमेरिकी शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार दबाव में नजर आया। Dow Jones फ्यूचर्स करीब 189 अंक नीचे रहे Nasdaq पिछले सत्र में 1.71% की बढ़त के साथ बंद हुआ था। S&P 500 भी मजबूती के साथ बंद हुआ था हालांकि नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में निवेशकों की चिंता फिर बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ीं
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। WTI क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया ब्रेंट क्रूड 104.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय बाजार, रुपये और महंगाई पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।





