नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मंगलवार, 5 मई को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार पर दबाव देखने को मिला।
शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट
बीएसई का प्रमुख सूचकांक Sensex शुरुआती कारोबार में 420 अंकों से ज्यादा टूट गया था, लेकिन बाद में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली। फिलहाल सेंसेक्स करीब 152 अंक यानी 0.20% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं एनएसई का Nifty 50 भी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अब करीब 51 अंकों की कमजोरी के साथ 24,067 के स्तर पर बना हुआ है।
क्यों गिरा शेयर बाजार?
शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। रुपये में कमजोरी भी बाजार पर असर डाल रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 95.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
🇺🇸 अमेरिकी बाजार में गिरावट
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में आज मिलाजुला रुख देखने को मिला। चीन और जापान जैसे बड़े बाजार बंद रहे, जबकि दक्षिण कोरिया के बाजार ने हाल के दिनों में मजबूत प्रदर्शन किया है। वहीं अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। Dow Jones Industrial Average 557 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि S&P 500 और Nasdaq Composite में भी कमजोरी दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी जारी है। WTI Crude Oil और Brent Crude Oil दोनों ही ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ रहा है। शुरुआती झटकों के बाद बाजार ने थोड़ी मजबूती जरूर दिखाई है, लेकिन अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की स्थिति आने वाले दिनों में शेयर बाजार की चाल तय करेंगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।





