नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हज इस्लाम धर्म का एक पवित्र तीर्थ है, जिसके लिए हर साल लाखों लोग Mecca पहुंचते हैं। भारत से अधिकतर लोग हवाई जहाज से हज यात्रा करते हैं, जिसमें करीब 6 से 8 घंटे का समय लगता है। लेकिन कुछ लोग इस यात्रा को पैदल पूरा करने का साहस भी दिखाते हैं, जो बेहद लंबा और कठिन सफर होता है।
कितना लंबा होता है पैदल हज का सफर?
भारत से पैदल हज यात्रा की दूरी आमतौर पर 8,000 से 10,000 किलोमीटर के बीच होती है। इस यात्रा को पूरा करने में 8 महीने से लेकर 2 साल तक का समय लग सकता है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि यात्री कौन-सा रास्ता अपनाता है, मौसम कैसा है और उसे अलग-अलग देशों से गुजरने की अनुमति मिलती है या नहीं।
किन देशों से होकर गुजरना पड़ता है?
पैदल हज यात्रा के दौरान यात्रियों को कई देशों से होकर गुजरना पड़ता है। आमतौर पर यह रास्ता Pakistan, Iran, Iraq और Kuwait जैसे देशों से होकर जाता है, जिसके बाद यात्री Saudi Arabia पहुंचता है। हालांकि यह मार्ग परिस्थितियों के अनुसार बदल भी सकता है।
क्या-क्या दस्तावेज जरूरी हैं?
इस तरह की यात्रा के लिए कई जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें पासपोर्ट, हर देश का ट्रांजिट वीजा, सऊदी अरब का हज वीजा, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और यात्रा बीमा शामिल हैं। बिना इन औपचारिकताओं के इतनी लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्रा करना संभव नहीं है।
पैदल और हवाई यात्रा में क्या अंतर है?
पैदल हज यात्रा का एक प्रेरणादायक उदाहरण केरल के Shahabuddin Chottur हैं। उन्होंने जून 2022 में अपनी यात्रा शुरू की और करीब 382 दिनों में मक्का पहुंचकर हज पूरा किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 8,000 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। हालांकि, आज के समय में ज्यादातर लोग हवाई यात्रा को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि यह तेज और सुरक्षित होती है। हर साल भारत से करीब 1.75 लाख लोग हज के लिए जाते हैं और अधिकांश यात्री फ्लाइट से ही सऊदी अरब पहुंचते हैं। पैदल हज यात्रा आस्था और धैर्य की बड़ी मिसाल है, लेकिन यह बेहद कठिन और लंबी प्रक्रिया है, जिसे पूरा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती।





