नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका तेज हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा है कि सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार भारी घाटा झेल रही हैं और मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहे तो कीमतों पर फैसला लेना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रोजाना 1000 करोड़ रुपये का नुकसान- Hardeep Singh Puri
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए घाटा सह रही हैं। उनके मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोज करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। अंडर-रिकवरी करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि इस तिमाही में नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो तेल कंपनियों का पिछला पूरा मुनाफा खत्म हो सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। Brent Crude करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है, जिससे भारत पर आयात लागत का दबाव बढ़ गया है। सरकार फिलहाल कीमतें स्थिर रखकर आम लोगों को राहत देने की कोशिश कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चा तेल महंगा बना रहा तो पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाना मुश्किल फैसला नहीं रहेगा। हालांकि सरकार ने कहा है कि देश के पास करीब 60 दिनों का क्रूड ऑयल और पर्याप्त गैस भंडार मौजूद है।





