नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ईरान और अमेरिका के बीच हालिया सीजफायर (Iran-US Ceasefire) के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड करीब 13–14% गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जो हाल के समय की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य-पूर्व में तनाव कम होना और Strait of Hormuz जैसे अहम तेल मार्ग के खुलने की उम्मीद है।
भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, उसके लिए यह बहुत बड़ी राहत भरी खबर है। अगर कच्चा तेल सस्ता रहता है, तो आने वाले दिनों में कई चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बदलाव नहीं दिखा है, लेकिन आगे राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
Iran-US Ceasefire से किन चीजों के सस्ते होने की उम्मीद
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव कई सेक्टर पर पड़ता है।
सबसे पहले पेट्रोल और डीजल सस्ते हो सकते हैं, जिससे आम आदमी के खर्च में राहत मिलेगी। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होने से सामान ढुलाई सस्ती होगी, जिसका असर रोजमर्रा की चीजों—जैसे फल, सब्जी और किराना—पर भी दिख सकता है।
एविएशन सेक्टर में भी राहत मिलती है, क्योंकि एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) सस्ता होता है। इससे हवाई यात्रा (फ्लाइट टिकट) की कीमतें कम हो सकती हैं।
इसके अलावा प्लास्टिक, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को भी फायदा होता है, क्योंकि ये सीधे तौर पर तेल पर निर्भर हैं। इससे कई प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, अगर सीजफायर लंबे समय तक कायम रहता है, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत जरूर मिल सकती है।





