नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है और यह फैसला 20-25 साल पहले ही हो जाना चाहिए था।
परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह मेरी गारंटी है, मेरा वादा है कि हर राज्य को न्याय मिलेगा।” साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से न देखें और देशहित में सहयोग करें।
विरोध करने वालों को चुकानी पड़ेगी कीमत
पीएम मोदी ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग आज इस फैसले का विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि यह 21वीं सदी का सबसे अहम फैसला है और इससे पूरे देश को फायदा होगा।
महिलाएं विरोध करने वालों को माफ नहीं करेंगी
महिला आरक्षण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति इस फैसले को ध्यान से देख रही है। उन्होंने कहा, “जो लोग महिला आरक्षण का विरोध करेंगे, उन्हें महिलाएं माफ नहीं करेंगी।” पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां-जहां महिलाओं को मौका मिला है, वहां उन्होंने अपनी ताकत साबित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह फैसला सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह देश की दशा और दिशा दोनों तय करेगा।” उन्होंने इसे विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना समय की मांग है।
विपक्ष को दी नसीहत
प्रधानमंत्री ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति के तराजू में न तौला जाए। उन्होंने कहा कि अगर सभी दल मिलकर काम करेंगे, तो इसका फायदा पूरे देश को मिलेगा, न कि किसी एक पार्टी को। लोकसभा में पीएम मोदी के इस बयान से साफ है कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अब यह देखना होगा कि विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है और आने वाले समय में यह मुद्दा देश की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।




