नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PM मोदी की सोना खरीदने को लेकर की गई अपील का विरोध अब उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक पहुंच गया है। बनारस में बुधवार को स्वर्णकार समाज और सर्राफा कारोबारियों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतरकर झालमुरी बेची। कारोबारियों का कहना है कि अगर लोग एक साल तक सोना खरीदना बंद कर देंगे तो लाखों कारीगरों और व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कारीगरों ने पारंपरिक आभूषण बनाने वाले औजार छोड़ हाथों में झालमुरी के डिब्बे थाम लिए। व्यापारियों ने इसे सांकेतिक विरोध बताते हुए कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें अपना पुश्तैनी काम छोड़ छोटे-मोटे रोजगार करने पड़ेंगे। इससे पहले लखनऊ में भी सर्राफा कारोबारियों ने प्रदर्शन कर दुकानें बंद रखी थीं।
कारोबार ठप होने का डर
स्वर्णकार संगठनों का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है। कारोबारियों के मुताबिक शादी-ब्याह और त्योहारों में सोने की खरीद भारतीय परंपरा का हिस्सा रही है, ऐसे में लोगों को सोना नहीं खरीदने की सलाह देने से बाजार पर सीधा असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस व्यापार से करोड़ों लोग जुड़े हैं और लंबे समय तक मांग घटने से आर्थिक संकट गहरा सकता है।
सरकार से राहत की मांग
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने सरकार से राहत पैकेज और स्वर्ण कारोबार के लिए प्रोत्साहन नीतियां लाने की मांग की है। स्वर्णकार नेताओं का कहना है कि सोना केवल व्यापार नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और ‘स्त्रीधन’ का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया तो विरोध प्रदर्शन को और बड़ा किया जाएगा।





