नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम के बाद एक बार फिर मंदिर का इतिहास चर्चा में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां विशेष कुंभाभिषेक और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसके बाद लोग यह जानना चाह रहे हैं कि सोमनाथ मंदिर पर कितनी बार हमला हुआ था और यहां से कितना सोना लूटा गया था।
17 बार हुआ था सोमनाथ मंदिर पर हमला
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ मंदिर का उल्लेख शिव पुराण में भी मिलता है. कहा जाता है कि यह मंदिर सोने, चांदी और बहुमूल्य रत्नों से सजा हुआ था। इसी वजह से विदेशी आक्रमणकारियों की नजर इस मंदिर पर बार-बार पड़ी. इतिहासकारों के अनुसार, सोमनाथ मंदिर पर कुल 17 बार आक्रमण हुए और हर बार यहां लूटपाट की गई।
महमूद गजनवी ने किया था पहला बड़ा हमला
सोमनाथ मंदिर पर सबसे चर्चित हमला 1026 ईस्वी में तुर्क शासक महमूद गजनवी ने किया था. उस समय गुजरात में भीम प्रथम का शासन था। इतिहासकारों के मुताबिक, महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर भारी लूटपाट की थी. इस दौरान मंदिर के खजाने को लूटा गया और ज्योतिर्लिंग को भी नुकसान पहुंचाया गया।
मंदिर से लूटा गया था 6 टन सोना
कई फारसी और भारतीय इतिहासकारों के अनुसार, महमूद गजनवी सोमनाथ मंदिर से बड़ी मात्रा में धन-संपत्ति लेकर गया था. कुछ ऐतिहासिक दावों में कहा गया है कि वह करोड़ों सोने के दीनार और बहुमूल्य रत्न अपने साथ ले गया था। इन दावों के अनुसार, मंदिर के खजाने से करीब 6 टन सोना लूटा गया था।
आज कितनी होगी उस सोने की कीमत?
अगर आज के सोने के भाव के हिसाब से देखा जाए तो 6 टन यानी 6000 किलोग्राम सोने की कीमत बेहद चौंकाने वाली होगी। मौजूदा समय में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है। इस हिसाब से 6 टन सोने की कीमत लगभग 9000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह सिर्फ सोने की अनुमानित कीमत है. मंदिर से हीरे, जवाहरात और अन्य बहुमूल्य रत्न भी लूटे गए थे, जिनकी कीमत आज अरबों रुपये हो सकती है।
कई बार टूटा, फिर हर बार बना सोमनाथ मंदिर
सोमनाथ मंदिर भारतीय आस्था और इतिहास का बड़ा प्रतीक माना जाता है. इतिहास में कई बार टूटने और लूटे जाने के बावजूद हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया। आज यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।





