नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली बड़ी हार के बाद मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee पहली बार पार्टी नेताओं और उम्मीदवारों से मिलीं। कालीघाट स्थित अपने आवास पर हुई इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee भी मौजूद रहे।
ममता बोलीं- पार्टी को फिर से खड़ा करेंगे
बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव में हार जरूर मिली है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस फिर से मजबूती के साथ खड़ी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से पार्टी संगठन को दोबारा मजबूत करने की अपील की। ममता ने कहा, “जो लोग दूसरी पार्टी में जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दीजिए। मैं पार्टी को नए सिरे से खड़ा करूंगी। जो लोग पार्टी में रहेंगे, वे टूटे हुए पार्टी कार्यालयों को फिर से तैयार करें, उन्हें रंगें और दोबारा शुरू करें। जरूरत पड़ी तो मैं खुद भी रंग करूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी झुकेगी नहीं और जनता का जनादेश छीना गया है।
बंगाल में TMC को मिली बड़ी हार
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राज्य की 294 सीटों वाली विधानसभा में TMC सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। वहीं बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बना ली। बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के नेतृत्व में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की।
भवानीपुर सीट से भी हारीं ममता बनर्जी
चुनाव में ममता बनर्जी को व्यक्तिगत झटका भी लगा। वे अपनी भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गईं। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें नंदीग्राम सीट से हराया था।
अभिषेक बनर्जी ने बढ़ाया उम्मीदवारों का मनोबल
बैठक में अभिषेक बनर्जी ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और दबाव के बावजूद नेताओं ने मजबूती से चुनाव लड़ा। तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी बैठक की जानकारी साझा की। पार्टी ने कहा कि उम्मीदवारों ने “अकल्पनीय अत्याचारों और लगातार धमकियों” के बीच भी साहस के साथ चुनाव लड़ा।
संगठन बचाने की चुनौती
चुनाव हारने के बाद अब TMC के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन को एकजुट रखने की है। कई नेताओं के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच ममता बनर्जी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





