नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ईरान युद्ध के चलते दुनिया के कई देशों में एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिला है। ऐसे हालात में केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि एलपीजी के विकल्प के तौर पर पीएनजी कनेक्शन अपनाया जाए।
प्रवासी मजदूरों के लिए बढ़ाई गई एलपीजी आपूर्ति
सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की आपूर्ति दोगुनी कर दी है। अब हर राज्य में 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता बढ़ाई जाएगी, ताकि मजदूरों को आसानी से खाना पकाने का ईंधन मिल सके।
कैसे मिलेगा 5 किलो का छोटू सिलेंडर?
ये 5 किलो वाले FTL सिलेंडर राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से Oil Marketing Companies की मदद से वितरित किए जाएंगे। इन सिलेंडरों के लिए पते का प्रमाण जरूरी नहीं होता और इन्हें नजदीकी गैस एजेंसी से लिया जा सकता है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों तक सस्ता और आसान ईंधन पहुंचाना है। इस फैसले के बाद 5 किलो सिलेंडरों की बिक्री एक लाख यूनिट प्रतिदिन से ज्यादा होने की उम्मीद है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब तक लाखों सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं।
कड़ी निगरानी और कालाबाजारी पर कार्रवाई
सरकार और प्रशासन ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हजारों सिलेंडर जब्त किए गए हैं, कई डीलरों को नोटिस जारी हुए हैं और कुछ डीलरशिप भी निलंबित की गई हैं, ताकि सप्लाई सिस्टम को सुचारु रखा जा सके।
आपूर्ति में फिलहाल कोई कमी नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और वितरकों के पास किसी तरह की कमी की सूचना नहीं है। बड़ी संख्या में घरेलू सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग के जरिए मांग पूरी की जा रही है।





