नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कमजोरी के बाद रिकवरी देखने को मिली। पिछले चार कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट झेल रहे बाजार ने आज राहत की सांस ली। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन Sensex और Nifty दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि बाजार की शुरुआत कमजोर रही थी।
सेंसेक्स-निफ्टी ने ऐसे की शुरुआत
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स शुरुआत में 119 अंकों की गिरावट के साथ 74,439 पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 17 अंक टूटकर 23,362 के स्तर पर पहुंच गया। लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार ने तेजी पकड़ ली। सेंसेक्स 127 अंक चढ़कर 74,687 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 32 अंक की बढ़त के साथ 23,412 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
रुपये में मामूली मजबूती
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बुधवार को हल्की मजबूती के साथ खुला। रुपया 3 पैसे मजबूत होकर 95.59 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को रुपया 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर दिखाई दिया। जापान का Nikkei 225 करीब 0.52 प्रतिशत गिर गया, जबकि Topix में मामूली बढ़त रही। दक्षिण कोरिया का Kospi 2.15 प्रतिशत टूट गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजारों में भी दबाव
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में बंद हुए। S&P 500 में 0.16 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 0.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि Dow Jones में मामूली बढ़त देखने को मिली।
डॉलर इंडेक्स में हल्की तेजी
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) बुधवार सुबह 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.32 पर कारोबार करता दिखा। यह इंडेक्स दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। WTI क्रूड 0.57 प्रतिशत गिरकर 101.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 0.61 प्रतिशत टूटकर 107.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई के आंकड़ों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। फिलहाल भारतीय बाजार में रिकवरी ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है।





