नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के ताजा बयान ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है।
RBI गवर्नर ने क्या कहा?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो सरकार ईंधन की बढ़ी लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल सकती है। उन्होंने संकेत दिए कि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां दबाव झेल रही हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा कर पाना मुश्किल होगा।
क्यों बढ़ रही है कच्चे तेल की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में अनिश्चितता के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। कुछ महीनों पहले तक कच्चा तेल करीब 75 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है।
आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट?
दिल्ली ₹94.77 ₹87.67
मुंबई ₹103.54 ₹90.03
कोलकाता ₹105.45 ₹92.02
चेन्नई ₹100.80 ₹92.39
बेंगलुरु ₹102.92 ₹90.99
देहरादून ₹93.17 ₹88.01
फतेहाबाद ₹97.09 ₹89.56
पणजी ₹95.51 ₹88.07
लेह ₹105.99 ₹91.46
फिलहाल तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन बाजार में बढ़ते दबाव के कारण आने वाले दिनों में दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का नुकसान
सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम फिलहाल बढ़ी हुई लागत खुद उठा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी यानी नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली में आज क्या हैं सोने के भाव?
दिल्ली में आज सोने के दाम इस प्रकार हैं 24 कैरेट सोना: ₹16,216 प्रति ग्राम 22 कैरेट सोना: ₹14,866 प्रति ग्राम 18 कैरेट सोना: ₹12,166 प्रति ग्राम हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई की चिंताओं के कारण ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। इसी वजह से सोने पर दबाव बना हुआ है। जेनर मेटल्स के वरिष्ठ रणनीतिकार पीटर ग्रांट के मुताबिक, महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, इसलिए लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की संभावना बढ़ गई है।
सरकार ने बढ़ाया आयात शुल्क
भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और चालू खाता घाटा नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इससे घरेलू बाजार में सोने की मांग पर असर पड़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ेगी महंगाई?
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के साथ अन्य जरूरी चीजें भी महंगी हो सकती हैं।





