नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका क्रिकेट ने अपने कोचिंग सेटअप को और मजबूत बनाने का बड़ा फैसला लिया है। टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी और श्रीलंका को ग्रुप-बी में रखा गया है। श्रीलंका अपना पहला मुकाबला 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ खेलेगी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीम ने प्रोविजनल स्क्वाड की घोषणा की है, जबकि फाइनल 15 सदस्यों की लिस्ट बाद में घोषित की जाएगी।
कोचिंग स्टाफ में भारत के खिलाड़ी विक्रम राठौड़
इस बार श्रीलंकाई टीम ने अपने कोचिंग स्टाफ में भारत के खिलाड़ी विक्रम राठौड़ को शामिल किया है। उन्हें विशेष रूप से टीम का बैटिंग कोच बनाया गया है। राठौड़ फिलहाल आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की असिस्टेंट कोचिंग टीम का हिस्सा हैं और टी20 वर्ल्ड कप में केवल श्रीलंका टीम के लिए बैटिंग कोच की भूमिका निभाएंगे। यह राठौड़ के लिए खास मौका है, क्योंकि साल 2024 में भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के दौरान वह टीम इंडिया के बैटिंग कोच थे। उनकी इस अनुभव और कामयाबी को श्रीलंका टीम अब अपने खिलाड़ियों के फायदे के लिए इस्तेमाल करेगी।
श्रीलंका ने लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल किया
टी20 वर्ल्ड कप की अहमियत को देखते हुए श्रीलंका ने लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल किया है। मलिंगा को टीम का तेज गेंदबाजी सलाहकार बनाया गया है और वह लगभग 40 दिनों तक इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। मलिंगा की तेज गेंदबाजी का अनुभव और राठौड़ की बल्लेबाजी तकनीक का ज्ञान मिलकर श्रीलंका के हेड कोच सनथ जयसूर्या के नेतृत्व में टीम को और मजबूत बनाएगा।
टी20 वर्ल्ड कप की अहमियत को देखते हुए श्रीलंका ने लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल किया है। मलिंगा को टीम का तेज गेंदबाजी सलाहकार बनाया गया है और वह लगभग 40 दिनों तक इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। मलिंगा की तेज गेंदबाजी का अनुभव और राठौड़ की बल्लेबाजी तकनीक का ज्ञान मिलकर श्रीलंका के हेड कोच सनथ जयसूर्या के नेतृत्व में टीम को और मजबूत बनाएगा।
इस फैसले से न केवल श्रीलंका की कोचिंग स्ट्रक्चर में मजबूती आई है, बल्कि खिलाड़ियों को अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि राठौड़ और मलिंगा के जुड़ने से टीम के प्रदर्शन में निखार आएगा और यह टीम टूर्नामेंट में मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरेगी।
श्रीलंका क्रिकेट का यह कदम बताता है कि वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पूरी ताकत से उतरने की तैयारी में हैं। राठौड़ की अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाली रणनीतियां और मलिंगा की गेंदबाजी सलाह श्रीलंकाई खिलाड़ियों को मुकाबलों में आत्मविश्वास और रणनीतिक बढ़त दे सकती हैं।




