नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार सुबह तेल कंपनियों ने नए रेट जारी किए, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगा हो गया। वहीं सरकार ने सोना-चांदी के आयात पर भी सख्ती बढ़ा दी है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई का असर और बढ़ सकता है।
यूपी के शहरों में क्या हैं नए रेट?
लखनऊ में पेट्रोल ₹97.39 और डीजल ₹90.69 प्रति लीटर पहुंच गया है। कानपुर में पेट्रोल ₹97.23 और डीजल ₹90.52 बिक रहा है, प्रयागराज में पेट्रोल ₹98.39 और डीजल ₹91.66 हो गया है। नोएडा में पेट्रोल ₹97.97 और डीजल ₹91.20 है। वाराणसी में पेट्रोल ₹97.74 और डीजल ₹91.03 प्रति लीटर मिल रहा है। तेल की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सीधे आम आदमी के खर्च पर असर डाल रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान संकट, वैश्विक ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इसके पीछे बड़ी वजह हैं। अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई और उसका असर अब घरेलू बाजार में दिखाई दे रहा है।
सरकार ने बदला SAED नियम
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले Special Additional Excise Duty (SAED) में बदलाव किया है। नई दरों के अनुसार पेट्रोल पर ₹3 प्रति लीटर डीजल पर ₹16.5 प्रति लीटर ATF पर ₹16 प्रति लीटर शुल्क लगाया गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की सप्लाई बनाए रखना है।
पहली बार पेट्रोल पर लगा अतिरिक्त शुल्क
इस बार सरकार ने पहली बार पेट्रोल के निर्यात पर भी SAED लगाया है। इससे पहले पेट्रोल पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं था। सरकार का मानना है कि पेट्रोल निर्यात में रिफाइनरियों को ज्यादा मुनाफा हो रहा था, इसलिए घरेलू बाजार की जरूरतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
महंगे ईंधन का असर हर घर पर
पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल-सब्जियां, दूध, राशन, ऑनलाइन डिलीवरी और निर्माण सामग्री तक महंगी हो सकती है। बस, ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ने की भी संभावना है। ऐसे में नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोगों का मासिक बजट बिगड़ सकता है।
सोने-चांदी पर सरकार की सख्ती
सरकार ने बढ़ते सोने के आयात को रोकने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत एक बार में अधिकतम 100 किलो सोना ही आयात किया जा सकेगा। इसके अलावा हर 15 दिन में आयात-निर्यात की रिपोर्ट जमा करना जरूरी होगा।
सोने-चांदी पर बढ़ा आयात शुल्क
सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। वहीं प्लैटिनम पर शुल्क 15.4% कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट की वजह से विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा है, इसलिए गैर-जरूरी आयात को कम करना जरूरी है।
दिल्ली में सोने के ताजा भाव
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना ₹15,805 प्रति ग्राम 22 कैरेट सोना ₹14,489 प्रति ग्राम 18 कैरेट सोना ₹11,857 प्रति ग्राम बिक रहा है। सोने की कीमतों में तेजी का असर ज्वेलरी बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा, क्योंकि रोजमर्रा की जरूरत की लगभग हर चीज महंगी हो सकती है।





