नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 22 मई 2026, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पिछले कई दिनों से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था, लेकिन आज निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। एशियाई बाजारों में आई तेजी और GIFT Nifty के मजबूत संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 34 अंकों की बढ़त के साथ 23,689 पर खुला, जबकि BSE Sensex 128 अंकों की तेजी के साथ 75,312 के स्तर पर पहुंच गया।
GIFT Nifty में 130 अंकों की मजबूती
आज GIFT Nifty में करीब 130 अंकों यानी 0.70% की तेजी देखने को मिली। इससे निवेशकों का भरोसा कुछ मजबूत हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार की वजह से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला है। दुनियाभर के निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव कम हो सकता है। इसी उम्मीद के चलते एशियाई बाजारों में भी खरीदारी देखने को मिली।
किन शेयरों में रही कमजोरी?
शुरुआती कारोबार में कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। इनमें Max Healthcare Institute, ITC, Infosys, Titan, Dr Reddy’s Laboratories जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बाजार को मिले पॉजिटिव संकेत
जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक तनाव कम होता है तो बाजार में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी पूरी तरह स्थिरता नहीं आई है और बाजार में volatility बनी रह सकती है।
कल बाजार में दिखी थी कमजोरी
21 मई को शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त के बाद भारी मुनाफावसूली देखने को मिली थी। दिनभर के कारोबार के बाद सेंसेक्स करीब 135 अंक टूटकर 75,183 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 23,654 के आसपास बंद हुआ। खासतौर पर बैंकिंग और FMCG सेक्टर में दबाव देखा गया था।
आज किन सेक्टर्स पर रहेगी नजर?
आज निवेशकों की नजर खासतौर पर IT और ऑटो सेक्टर पर बनी रहेगी। कमजोर रुपये से IT कंपनियों को फायदा मिल सकता है। ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। तेल और गैस सेक्टर पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अभी ऊंचे स्तर पर हैं।
विदेशी निवेशक अभी भी सतर्क
विदेशी निवेशक यानी FIIs अभी भी भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान संकट के बाद विदेशी निवेशकों ने बाजार से काफी पैसा निकाला है। यही वजह है कि बाजार में आने वाली तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पा रही है।
तेल और डॉलर बढ़ा रहे चिंता
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूती भारतीय बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। तेल महंगा होने से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित कर रही है। हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर निफ्टी 23,800 के ऊपर टिकता है तो बाजार में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं नीचे की तरफ 23,500 का स्तर काफी अहम माना जा रहा है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।





