नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय पहलवान Vinesh Phogat से जुड़े बैन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने Wrestling Federation of India यानी WFI को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए स्वतंत्र पैनल गठित करने का आदेश भी दिया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने WFI से पूछा कि आखिर किस आधार पर विनेश फोगाट के खिलाफ कार्रवाई की गई और क्या उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया था। अदालत ने साफ कहा कि किसी भी खिलाड़ी के करियर पर असर डालने वाला फैसला पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही लिया जाना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला विनेश फोगाट पर लगाए गए प्रतिबंध और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़ा है। कोर्ट ने WFI की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि खेल संघों को खिलाड़ियों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी फैसले में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र पैनल बनाया जाए, जो पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच करेगा। अदालत ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि खिलाड़ी के हित प्रभावित न हों।
विनेश फोगाट लंबे समय से भारतीय कुश्ती की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। हाल के महीनों में भारतीय कुश्ती संघ और पहलवानों के बीच विवाद लगातार सुर्खियों में रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को WFI के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।





