नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हर साल रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, जो इस बार 9 अगस्त, शनिवार के दिन मनाया जाएगा । इ दिन सभी बीनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है आपने अक्सर ऐसा देखा होगा कि, बहनें राखी बांधते समय उसमें 3 गांठें लगाती हैं, लेकिन ऐसा क्यों किया जाता है, चलिए जानते है इसके पीछे का खास महत्व।
रक्षाबंधन इस बार 9 अगस्त के दिन मनाया जाएगा
भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन इस बार 9 अगस्त के दिन मनाया जाएगा, आपने अक्सर इस बात पर ध्यान दिया होगा कि बहनें राखी बांधते समय उसमें 3 गांठें लगाती हैं और 3 गाठों के पीछे का क्या महत्व है? आइए जानते है इसके पीछे को खास महत्व ।
राखी में 3 गांठें बांधने की मान्यता
राखी में 3 गांठें बांधने के पीछे बहुत ही गहरी मान्यता छिपी हुई है। ऐसा माना जाता है कि, ये तीन गांठें त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक होती है जिसमें पहली गांठ ब्रह्मा जी को समर्पित होती है, जो सृष्टि के रचयिता है इससे भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
दूसरी गांठ भगवान विष्णु को समर्पित होती है, जो सृष्टि के पालनहार कहलाएं जाते है, ये भाई की रक्षा, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद देने के लिए होती है।
इसके अलावा, तीसरी गांठ महादेव को समर्पित मानी जाती है जो स्वंय संहारक और मोक्षदाता है, यह गांठ बुरी शक्तियों से सुरक्षा और बुरे कर्मों से बचाव का संकेत देती है।
तीनों गांठें भाई और बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का भी प्रतीक मानी जाती है, जब बहन ये गांठें बांधती है, तो वह न केवल अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। बल्कि उनके रिश्ते में अटूट विश्वास और प्यार की डोर भी मजबूत करती है. इसलिए, जब भी राखी बांधी जाए तो इन तीन गांठों का महत्व याद रखना चाहिए । क्योंकि ये सिर्फ धागे नहीं होते, बल्कि यह बहन की भावना और आस्था का प्रतीक होते है जो 9 अगस्त को राखी बांधने का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा. यानी राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा।





