नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी इरफान पठान का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी। करीब 5 साल पुराने इस वीडियो में इरफान कहते हैं कि “मेरी आदत न तो किसी के कमरे में हुक्का पीने की है और न ही फालतू बातों में पड़ने की। खिलाड़ी का असली काम मैदान पर प्रदर्शन करना होता है और मेरा फोकस हमेशा उसी पर था।” हालांकि वीडियो में इरफान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जोड़ते हुए प्रतिक्रियाएं दी हैं।
इरफान का आखिरी इंटरनेशनल मैच साल 2012 में आया था, जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट लिए थे। बावजूद इसके उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया और फिर वह कभी वापसी नहीं कर पाए। उस समय टीम की कप्तानी धोनी के हाथ में थी, जिसके चलते लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि इरफान को बाहर करने में धोनी की भूमिका रही। इस पूरे विवाद के बीच अब युवराज सिंह के पिता का बयान सामने आया है।
धोनी पर फिर भड़के युवराज सिंह के पिता
महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान के वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए टीम से बाहर किए जाने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। अब इस मामले में पूर्व क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। योगराज सिंह ने कहा, “यह सिर्फ इरफान पठान की बात नहीं है। गौतम गंभीर ने भी टीम से बाहर किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह ने भी खुलकर कहा है कि उन्हें कैसे एक ‘मक्खी’ की तरह बाहर कर दिया गया। इन सभी मामलों की जांच होनी चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ।”
“धोनी कभी जवाब नहीं देते”
जो इंसान जवाब नहीं देना चाहता, उसका जमीर ही दोषी होता है, उसके मन में चोर होता है।” यह कोई पहला मौका नहीं है जब योगराज सिंह ने धोनी पर निशाना साधा हो। इससे पहले भी वे कई बार धोनी पर अपने बेटे युवराज सिंह, साथ ही गंभीर, सहवाग और हरभजन जैसे सीनियर खिलाड़ियों के करियर को प्रभावित करने का आरोप लगा चुके हैं। योगराज सिंह का यह भी कहना है कि धोनी ने भारतीय टीम को “बर्बाद” कर दिया। इतना ही नहीं, योगराज सिंह ने पूर्व कप्तान कपिल देव और बिशन सिंह बेदी पर भी यह आरोप लगाए हैं कि उन्होंने खिलाड़ियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया।





