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Monday, March 23, 2026
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मराठा आरक्षण विवाद: संजय राउत ने मंत्री छगन भुजबल पर साधा निशाना, कहा- इतनी चिंता है तो इस्तीफा दे दो…

महाराष्‍ट्र शिवसेना (UBT) नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने मंत्री छगन भुजबल पर मराठा आरक्षण को लेकर तीखा प्रहार किया है। संजय राउत ने कहा कि, भुजबल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्‍क । महाराष्‍ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। बीते दिल मुंबई के आजाद मैदान पर मराठा समुदाय ने एक बड़ा आंदोलन किया। जिसकी अगुवाई मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील ने किय। हालांकि, आंदोलन करीब चार दिल चल और सूबे की महायुति सरकार ने आंदोलनकारियों की मांग पर मुहर लगा दी। जिसके बाद प्रदर्शन खत्‍म करने का निर्णय लिया। 

मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3 सितंबर को हुई बैठक में IPL टिकट पर GST बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया, जिससे स्टेडियम में मैच देखने के खर्चे में बढ़ोतरी तय हो गई है। इसका असर IPL 2026 में देखने को मिलेगा। चलिए आपको बताते हैं कि टिकट की कीमत कितनी बढ़ेगी? अब उन पर कितना टैक्स होगा।

लेकिन इसके बाद कुनबी समुदाय और मराठा समुदाय आमने-सामने आ गए है। कुनबी को आरक्षण का लाभ मिलने मराठा समुदाय ने बगावत कर दी है। मराठा समुदाय के कई नेताओं ने आंदोलन की मांग पूरी करने के फैसले के खिलाफ है। वही शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल पर तीखा हमला बोला।

“उन्होंने कहा कि यदि भुजबल मानते हैं कि मराठा आरक्षण के फैसले से ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें अपनी आत्म-सम्मान और नैतिक जिम्मेदारी के चलते इस्तीफा दे देना चाहिए।”

“राउत ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण आंदोलन को बढ़ावा देकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने कठिनाइयाँ खड़ी करने की कोशिश की।”

इस बदलाव का सीधा असर आईपीएल पर होगा

इस बदलाव का असर IPL 2026 के दौरान साफ दिखेगा। अगर आयोजक टिकट की कीमतों में राहत नहीं देते या इसे बढ़ा देते हैं, तो स्टेडियम में दर्शकों की संख्या घट सकती है। भारत में क्रिकेट का क्रेज बेहद ऊँचा है और आईपीएल को क्रिकेट प्रेमी त्योहार की तरह मनाते हैं।

“राउत ने पत्रकारों से कहा कि ओबीसी समुदाय के वरिष्ठ नेता भुजबल ने स्वयं माना है कि उनके समुदाय के साथ अन्याय हुआ है। इसके बावजूद वह उस मुख्यमंत्री के अधीन कार्य कर रहे हैं, जिनके फैसले से यह अन्याय हुआ।” “राउत ने तंज कसते हुए कहा कि, अगर भुजबल को वास्तव में अपने समुदाय की इतनी चिंता है, तो उन्हें कैबिनेट से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

कैबिनेट बैठक से बनाई दूरी

बता दें कि, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने बुधवार को मराठा आरक्षण पर सरकार के ताजा फैसले से खफा थे। और कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए। सरकार ने मंगलवार को एक आदेश (GR) जारी किया, जिसमें पात्र मराठों को कुणबी (OBC) जाति प्रमाणपत्र देने की बात कही गई।

चुटकी लेते हुए संजय राउत ने दिया हिंट 

सरकार के इस फैसले से छगन भुजबल नाराज हुए। और उन्होंने इसे कानूनी तौर पर इस फैसले को चुनौती देने की बात कही। वही, सांसद “संजय राउत ने चुटकी लेते हुए कहा कि कैबिनेट की बैठकों से दूरी इस बात का संकेत है कि भुजबल अब मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं करते।”

अगर समुदाय की फिक्र है तो इस्‍तीफा दें- संजय राउत 

“राउत ने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सी. डी. देशमुख ने जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मतभेद हुए, तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि भुजबल को भी ऐसा ही करना चाहिए। यदि वह अपने समुदाय के लिए लड़ना चाहते हैं, तो नैतिकता और आत्म-सम्मान के चलते इस्तीफा देकर अपनी बात स्पष्ट कर दें।”।

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