back to top
25.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Cricket Story: कैसे महिला क्रिकेट को मिली पहचान, BCCI से होती है तगड़ी कमाई

Women's Cricket का इतिहास जितना पुराना है उतना ही संघर्षपूर्ण रहा है। हालांकि महिला क्रिकेट अब किसी भी पहचान का मोहताज नहीं है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में क्रिकेट धर्म की तरह पूजा जाता है, यहां क्रिकेट के लिए जितनी दीवानगी देखी जाती है वैसी शायद ही किसी और खेल के लिए देखी जाती होगी। हालांकि क्रिकेट हमेशा से इतना चकाचौंध में नहीं रहा जितना अब है। क्रिकेट के चाहने वालो में दिलचस्पी बनी रहती है कि इसकी शुरुआत कैसे हुई थी, पहला मैच कहां खेला गया था, जीतने वाली टीम को कितनी ईनामी राशि मिली थी। पुरुष क्रिकेट की बात करें तो शायद ये जानकारी मिल भी जाए लेकिन महिला क्रिकेट के बारे में जानकारी मिलना बहुत मुश्किल है। आज इन्हीं तथ्यों पर बात करेंगें।

पहली बार महिला क्रिकेट कब खेला गया था

इतिहास में पहला महिला क्रिकेट का खेल 26 जुलाई 1745 में खेला गया था, हालांकि आधिकारिक मैच की बात करें तो 1887 में योर्कशायर में पहली बार एक महिला क्रिकेट कल्ब सामने आया। इसके ठीक तीन साल बाद इंग्लैंड में पहली क्रिकेट टीम असतित्व में आई जिसका नाम लेडी क्रिकेटर रखा गया था। यह पहला मौका था जब किसी देश में महिला क्रिकेट की नींव रखी गई थी। जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे इंग्लैंड और उसके आस पास क्रिकेट का प्रचलन तेजी से बढ़ता चला गया। साल 1934 में महिलाओं द्वारा पहली बार कोई आयोजित मैच खेला गया। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड वूमेन के बीच हुए इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने बाजी मार ली थी। इसके बाद कई मौके पर महिला क्रिकेटर का आयोजन किया जाने लगा।

1973 में पहला वनडे मैच आयोजित हुआ था

अब बारी थी वनडे क्रिकेट के उदय की, लिहाजा 1973 में पहली बार महिला वनडे मैच आयोजित किया गया था। इसके बाद महिला क्रिकेट ने जो गति पकड़ी उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नही देखा। महिलाओं ने अपने कौशल प्रदर्शन से जो अमिट छाप छोड़ी है उसे बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। जो सराहना और समर्थन पहले पुरुष क्रिकेट को मिलता था वही प्यार और समर्थन महिला क्रिकेट को भी मिलने लगा। आर्थिक तौर पर बात करें तो महिला क्रिकेट भी पुरुष क्रिकेट के समानांतर चल रहा है।

भारत में पहली बार क्रिकेट कब आया

भारत में पहली बार मैच 1721 में खेला गया था, इसके बाद क्रिकेट का पहचान तब मिली जब 1848 में बंबई में पेरिस कम्यूनिटी ने पहली बार क्रिकेट क्लब की स्थापना की। इसके बाद ऐसा मौका भी आया जब 20वी सदी के दौरान केरल आए ऑस्ट्रेलिया के एने केलेवे ने केरल के कोट्टायम के बाकर मेमोरियल स्कूल में क्रिकेट को अनिवार्य कर दिया। साल 1973 को भारतीय क्रिकेट संघ की स्थापना क्रिकेट को बढ़ावा देने के मकसद से की गई।

पहली भारतीय महिला की कप्तान कौन थी

पहली भारतीय महिला क्रिकेट की कप्तान शांता रंगास्वामी थी, जिन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को शिखर तक पहुंचाने का काम किया था। 1976 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था। शांता रंगास्वामी ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर सीरीज अपने नाम कर ली थी। उन्होंने कुल 12 टेस्ट मैचों और 16 वनडे मैचों में भारतीय टीम को लीड किया और कई बार अपने प्रदर्शन के दम पर जीत दिलाई।

वर्तमान में महिला और पुरुष की मैच फीस कितनी है?

मैच फीस के पैमाने पर देखा जाए तो टेस्ट क्रिकेट के लिए 15 लाख रुपये मिलते हैं जबकि वनडे में पुरुषों के मिलने वाली राशि 6 लाख रुपये है। टी20 इंटरनेशनल में यह मैच फीस 3 लाख रुपये है। जबकि बात करें महिला क्रिकेट की तो पुरुषों के मुकाबले महिला क्रिकेट को कम भुगतान किया जाता था। महिला क्रिकेट को वनडे क्रिकेट या टी20 मुकाबले के लिए 1 लाख रुपये मिलते हैं। बात करें टेस्ट मुकाबले की तो उन्हें एक टेस्ट मैच के लिए 4 लाख रुपये मिलते हैं। हालांकि BCCI ने ऐलान किया कि अब इस राशि को एक समान वितरित किया जाएगा।

खिलाड़ियों ने फैसले का स्वागत किया

पूर्व कप्तान मिताली राज ने इस फैसले को महिला क्रिकेट के इतिहास में क्रांतिकारी कदम बताया, उन्होंने कहा- ‘यह ऐतिहासिक कदम है। महिला क्रिकेट के लिए यह नया सवेरा है। समान मैच फीस और महिला आईपीएल महिला क्रिकेट को वहां तक ले जाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं जहां आज पुरुष क्रिकेट है।’ उन्होंने कहा, ‘महिला क्रिकेट समुदाय का हिस्सा होने के नाते मैं बीसीसीआई और सचिव जय शाह को इसके लिए धन्यवाद देती हूं. हम 2017 से महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और विकास देखते आ रहे हैं। यह सही दिशा में उठाया गया कदम है।’

सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट की राशि में पुरुषों को दी जाती है वरीयता

सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट के तहत मिलने वाली राशि में भी महिलाओं को पुरुषों के बराबर अहमियत नहीं दी जाती। सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में अभी भी महिला और पुरुष कैटेगरी में काफी बड़ा अंतर है। पुरुषों के लिए 4 कैटेगरी निर्धारित की गई हैं जबकि महिलाओं के लिए केवल 3 कैटेगरी हैं। पुरुष कैटेगरी के तहत ए कैटेगरी के खिलाड़ियों को सालाना 5 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है जबकि महिलाओं को केवल 50 लाख रुपये ही दिए जाते हैं। ठीक इसी प्रकार बी और सी कैटेगरी में होता है।

महिला क्रिकेट को WPL के रूप में नया आयाम मिला

IPL की लोकप्रियता को देखते हुए और महिला क्रिकेट के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए महिला क्रिकेट को भी ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया था। 2023 में WPL की शुरुआत कर दी गई। यह महिलाओं के लिए प्रोफेशनल क्रिकेट लीग है जिसे BCCI द्वारा संचालित किया जाता है। यह विश्व की पहली ऐसी लीग है जिसमें महिला खिलाड़ियों का ऑक्शन किया जाता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

IPL 2026 से पहले BCCI ने जारी की नई गाइडलाइंस, जानिए क्या है ये साढ़े तीन घंटे वाला नया नियम?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के शुरू होने से पहले बीसीसीआई ने सभी टीमों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।...
spot_img

Latest Stories

बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखाई गई Eid की रौनक, आप भी देखें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज 21 मार्च को Eid...

देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही ईद, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देशभर में आज ईद-उल-फितर बड़े उत्साह...

4 साल बाद यूपी को मिला स्थायी DGP, जानिए कौन हैं एलवी एंटनी देव कुमार जिन्हें मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के...

सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में आज आर्थिक मोर्चे पर...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵