नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । टीम इंडिया फिलहाल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जा रही है। कुछ दिन पहले मेलबर्न में रवींद्र जडेजा की प्रेसवार्ता लेकर विवाद हो गया था। अब इस बवाल के बाद क्रिकेट से जुड़े कई हस्तिंयां और दिग्गज इस मामले पर सवाल उठा रहे है। मैदान पर शुरू हुआ गहमागहमी का माहौल अब बाहर भी आने लगा है। इससे पहले विराट कोहली के साथ एयरपोर्ट पर एक ऑस्ट्रेलियाई महिला पत्रकार से बहस हुई, बाद में फिर रवींद्र जडेजा की प्रेस कांफ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने बवाल काट दिया है। इस मामले में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का बयान भी समाने आया है।
बवाल को लेकर क्या बोले माइकल वॉन?
अब मैदान पर शुरू हुआ गहमागहमी का माहौल अब बाहर भी आने लगा है। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का बयान भी समाने आया है। उन्होंने भारत को एक पावरहाउस बताया है और ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों को करारा जवाब दिया है। साथ ही मीडियाकर्मियों का एक सलाह भी दे डाली है। उन्होनें कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों को अगर हिंदी को समझने और लिखने पढ़ने में परेशानी हो रही थी तो वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल का इस्तेमान कर सकते थे। रवींद्र जडेजा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर हुए विवाद को टाला जा सकता था।
वॉन ने आगे कहा कि, भाषा को लेकर हंगामा करने की जरुरत नहीं थी क्योंकि जडेजा ने जो जवाब हिंदी में दिया था, उसे समझने के लिए या अनुवाद करने के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया जा सकता था। AI सिस्टम ऐसा ही एक टूल हो जो आप इसका इस्तेमाल कर हिंदी का ऑस्ट्रेलियाई अंग्रेजी में अनुवाद कर सकते थे। ऐसे में वे अगर अंग्रेजी में बात करने के लिए राजी नहीं थे तो उसे आप रिकॉर्ड करिए ओर सिस्टम में डालें और यह ऑस्ट्रेलियाई अंग्रेजी के रूप में सामने आएगा।
रवींद्र जडेजा की प्रेस कांफ्रेंस में क्या हुआ था?
मेलबर्न टेस्ट से पहले टीम इंडिया नेटसेट पर प्रैक्टिस करने में थी, इस सत्र के बाद BCCI की ओर से एक प्रेस कांफ्रेंस रखी गई थी जिसमें विशेषकर भारतीय पत्रकारों के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की लोकल मीडिया ने भी इसमें हिस्सा लिया। जडेजा ने आपनी बात शुरु की और फिर भारतीय पत्रकारों के सवाल लेकर जवाब दे रहे थे जो कि अधिकतर सवाल भारतीय भाषा में थे। ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों को जडेजा ने इग्नोर कर दिया और उस पर कोई जवाब नहीं दिया। जवाब नहीं देने से ऑस्ट्रेलियाई मीडियाकर्मी नाराज हो गई और बवाल कर दिया। मामला गर्माता देख भारतीय टीम के मीडिया मैनेजर मौलिन पारेख ने कंगारू मीडिया से इस बात को स्पष्ट करने की कोशिश की लेकिन लोकल मीडिया ने बवाल करना शुरू कर दिया। भड़के ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ने कहा कि, क्या अंग्रेजी में एक सवाल नहीं ले सकते? मौलिन पारेख ने जवाब देते हुए साफ कर दिया कि इस प्रेस कांफ्रेंस को इंडियन मीडिया के लिए ही आयोजित किया गया था।
क्यों सवाल नहीं ले पाए रवींद्र जडेजा?
बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले मेलबर्न में भारत की पहली प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया इस बात से खफा हो गया कि रवींद्र जडेजा से सवाल पूछे जाने पर वे केवल हिंदी में जवाव देते रहे BCCI की मीडिया टीम ने बताया था कि जडेजा अंग्रेजी में सवाल नहीं ले पाएंगे क्योंकि उन्हें “टीम बस पकड़नी है।” यह स्थानीय पत्रकारों को रास नहीं आया। जडेजा पर अंग्रेजी में सवालों के जवाब देने से “इनकार” करने का आरोप लगाया। लेकिन, भारतीय ऑलराउंडर की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। प्रेसवार्ता मुख्य रुप से भारतीय मीडिया के लिए थी। इसलिए, सभी प्रश्न हिंदी में पूछे गए। स्वाभाविक है कि जडेजा उस भाषा में अधिक सहज थे, इसलिए उन्होंने हिंदी में उत्तर दिया।




