नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। भारतीय टीम की ‘वॉल’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ आज यानी 11 जनवरी को अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। इंदौर में जन्में द्रविड़ के पिता खाद्य वैज्ञानिक रहे हैं और उनकी कंपनी जैम और केचअप बनाती थी। इसी वजह से राहुल को उनके साथी जैमी के नाम से बुलाते थे।
इस खिलाडी की वजह से मिला पहला टेस्ट खेलने का मौका
बता दें कि राहुल द्रविड़ ने 17 साल की उम्र में कर्नाटक के लिए खेलना शुरू किया था। राहुल को अपना पहला टेस्ट खेलने का मौका काफी किस्मत से हासिल हुआ था। साल 1996 में इंग्लैंड दौरे पर संजय मांजरेकर चोटिल हो गए थे और बेंच पर बैठे द्रविड़ को लॉर्डस में उतरने का मौका उन्हे मिला।आपको बता दें कि इसी मैच में सौरव गांगुली ने भी डेब्यू किया था और शतक जड़ा तो वही राहुल द्रविड़ 95 रन बनाकर आउट हो गए।
सबसे ज्यादा गेंद खेलने वाले खिलाड़ी बने
अगर हम बात करें राहुल के करियर तो उन्होने 16 साल के करियर में कुल 31 हजार 258 गेंद खेली हैं। और इस दौरान उन्होंने कुल 736 घंटे तक क्रीज पर गेंदबाजों के खड़े रहे। द्रविड़ अपने क्रिकेट करियर में कभी गोल्डन डक पर आउट नहीं हुए थे और उन्होंने 164 टेस्ट मैचों में स्लिप में 210 कैच पकड़े जो एक रिकॉर्ड के रुप मे दर्ज है। राहुल ने अपने करियर का एकमात्र टी20 मैच इंग्लैंड के खिलाफ साल 2011 में खेला और इस मैच उन्होंने 31 रन बनाए थे। उन्होंने टेस्ट और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दोनों में 10,000 रन बनाये हैं, तेंडुलकर और लारा के बाद वे इस उपलब्धि को हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं।
इसी के साथ बता दें कि राहुल द्रविड़ वही दूसरे भारतीय हैं जिन्होंने एक विश्व कप में ज्यादा रन बनाये हैं। (पहले सचिन तेंदुलकर हैं – दो बार – 1996, 2003) उन्होंने अपने पहले विश्व कप, 1999 के विश्व कप में 461 रन बनाये।




