नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कुश्ती के स्टार खिलाड़ी विनेश फोगाट (vinesh phogat) और बजरंग पूनिया आज कांग्रेस जॉइन करने के लिए कांग्रेस दफ्तर पहुंचे हुए हैं। वहीं अब इस मामले पर पूर्व ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक (sakshi malik) का बयान सामने आया है। साक्षी मलिक ने कहा कि वो रिजाइन कर रहे हैं और कोई राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। यह उनका निजी फैसला है।
मेरे पास भी आया था ऑफर- साक्षी मलिक
साक्षी मलिक (sakshi malik) ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि हमें त्याग कर देना चाहिये। हमारे आंदोलन को गलत रूप नहीं दिया जाए। मैं हमेशा महिलाओं के लिए खड़ी रहूंगी। साक्षी ने आगे कहा कि इस टाइप का ऑफर मेरे पास भी था लेकिन मैने रेसलिंग और महिलाओं को चुना।
आज दोनों कांग्रेस में होंगे शामिल
बता दें कि, हरियाणा में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को लेकर विनेश फोगाट (vinesh phogat) और बजरंग पूनिया आज कांग्रेस में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से ताल ठोंक सकते हैं। विनेश फोगाट आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने उनके आवास पहुंची हैं।
विनेश फोगाट ने रेलवे की नौकरी से दिया इस्तीफा
गौरतलब है कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले विनेश फोगाट (vinesh phogat) ने रेलवे की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से दी। विनेश ने अपने पोस्ट में रेलवे की सेवा को जीवन का सबसे यादगार और गौरवपूर्ण करार दिया है। विनेश ने कहा कि “मैं रेलवे परिवार की हमेशा आभारी रहूंगी। जीवन के इस मोड़ पर मैने रेलवे सेवा से पृथक होने का निर्णय लिया है। मैने अपना त्यागपत्र भारतीय रेलवे के सक्षम अधिकारियों को सौंप दिया है। राष्ट्र की सेवा में रेलवे के द्वारा मुझे दिए गए इस अवसर के लिए मैं भारतीय रेलवे परिवार की सदैव आभारी रहूंगी।”
विनेश देश की बेटी से बनना चाहती हैं कांग्रेस की बेटी- अनिल विज
वहीं विनेश फोगाट (vinesh phogat) के कांग्रेस में जॉइन करने पर हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल विज ने विनेश फोगाट को लेकर कहा कि अगर विनेश देश की बेटी से कांग्रेस की बेटी बनना चाहती हैं, तो हमें क्या ऐतराज होगा। उन्होंने पहलवानों के विरोध प्रदशन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले दिन से ही पहलवानों को बैक कर रही थी, कांग्रेस के उकसाने से ही वो आंदोलन चल रहा था। नहीं तो उसका फैसला भी हो जाता।




