नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर बैठक की गई। जिसमें यूपी बीजेपी के टॉप नेताओं को जीत की जिम्मेदारी दी गई है। सीएम योगी, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, और बीजेपी यूपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी व संगठन महामंत्री को 2-2 सीटें दी गई हैं।
UP में 10 विधानसभा सीटें हुई हैं खाली
बता दें कि, लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। इनमें सपा के 4 विधायक सांसद बन गए हैं और एक विधायक को सजा हो गई है। जिसके चलते समाजवादी पार्टी की 5 सीटें खाली हुई हैं। वहीं बीजेपी के 3 विधायक सांसद बने हैं और एक सीट आरएलडी के विधायक के सांसद बनने के बाद खाली हुई है। वहीं निषाद पार्टी के विधायक बीजेपी से सांसद चुने गए हैं। जिसके बाद एक सीट खाली हो गई है। इन सीटों में फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, कुंदरकी, करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी और सीसामऊ सीट शामिल हैं।
सीएम योगी ने 30 मंत्रियों की बनाई कमेटी
यूपी में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सीएम योगी ने 30 मंत्रियों की एक कमेटी बनाई थी। जिसमें राज्य के टॉप नेताओं को इन सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। सीएम योगी कटेहरी और मिल्कीपुर विधानसभा सीट संभालेंगे। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को फूलपुर और मंझवा, बृजेश पाठक को सीसामऊ और करहल सीट की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कुंदरकी और मीरापुर व संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और खैर सीट की जिम्मेदारी दी गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की होगी अग्नि परीक्षा
सीएम योगी आदित्यनाथ को मिल्कीपुर और अंबेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा सीट की जिम्मेदारी मिली है। ये दोनों सीटें बीजेपी के लिए हमेशा से मुश्किल रही हैं। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को चारों खाने चित करने वाले अवधेश प्रसाद खुद मिल्कीपुर से विधायक बने थे। इसके अलावा कटेहरी से लालजी वर्मा विधायक चुने गए हैं। इन दोनों मुश्किल सीटों पर कमल खिलाने का जिम्मा सीएम योगी को मिला है।
कटेहरी और मिल्कीपुर की सीटों पर बीजेपी हमेशा रही है कमजोर
सपा और बसपा के लिए कटेहरी और मिल्कीपुर की सीटें काफी अच्छी मानी जाती है। क्योंकि इन सीटों पर दलित और ओबीसी निर्णायक भूमिका में होते हैं। अब इन सीटों पर बीजेपी का कमल खिलाने के लिए योगी आदित्यनाथ खुद समीकरण सेट करेंगे। मिल्कीपुर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां दलित वोटर सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा ओबीसी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। इसी तरह कटेहरी सीट पर दलित वोटर सबसे ज्यादा हैं। लेकिन कोई अकेली जाति इस सीट पर निर्णायक भूमिका में नहीं हैं। मुस्लिम, ब्राह्मण, कुर्मी और निषाद वोटर भी बड़ी संख्या में हैं। अब देखना होगा कि योगी आदित्यनाथ इन मुश्किलों से कैसे पार पाएंगे।
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