नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। NEET UG और NET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ जहां विपक्ष सरकार पर लगातार हमले कर रही है। वहीं एक के बाद एक पेपर लीक के मामले आने के बाद केंद्र सरकार बैकफुट पर है। अब केंद्र सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल शुक्रवार को सरकार ने देश में एंटी पेपर लीक कानून लागू कर दिया है। इस कानून की जानकारी आधी रात को नोटिफिकेशन जारी कर दी गई। जिसमें बताया गया कि 21 जून से इस कानून को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है। इस कानून में 10 साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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क्या है मामला?
दरअसल 5 मई को NEET UG की परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें करीब 24 लाख छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा से पहले NTA के द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बताया गया कि नीट परीक्षा का रिजल्ट 14 जून को आएगा, लेकिन 4 जून को लोकसभा चुनाव परीणाम के दिन ही नीट का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया। NEET UG की परीक्षा का रिजल्ट जारी होते ही वो विवादों में आ गया क्योंकि इस परीक्षा में 67 छात्रों ने टॉप किया था। यानी 67 छात्रों ने 720 में से 720 नंबर प्राप्त किये थे। जो कि अप्रत्याशित था।
क्या ये कानून NEET मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर लागू होगा?
अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या ये कानून NEET पेपर लीक मामले में लागू होगा? बता दें कि ये कानून NEET पेपर लीक मामले में लागू नहीं होगा। क्योंकि ये घटना 21 जून से पहले की है। अगर ये पेपर लीक 21 जून के बाद होता तो इस मामले में दोषी पाये जाने वाले लोगों पर जरूर लागू होता। 21 जून से पहले की घटनाओं पर यह कानून पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होगा।
67 छात्रों के टॉप होने पर हुआ बवाल
इसके बाद छात्रों ने बवाल शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख एनटीए ने इसके बारे में जानकारी दी कि इनमें से 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। अभी ये मामला चल ही रहा था कि पटना में बवाल शुरू हो गया। दरअसल पटना पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने कबूल किया कि उन्होंने नेट परीक्षा का पेपर लीक किया और कई छात्रों तक इसको पहुंचाया।
ये मामला सामने आने के बाद लोगों का एनटीए और केंद्र सरकार के प्रति गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने इसपर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। जिसके बाद कोर्ट ने ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों को दोबारा से परीक्षा देने का आदेश दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस परीक्षा को रद्द करने से इनकार कर दिया।
इस कानून के दायरे में आएंगे ये एग्जाम
अब मोदी सरकार ने देश में एंटी पेपर लीक कानून लागू कर दिया है। जिसका नोटिफिकशन आधी रात को जारी किया गया। इस कानून के तहत पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। इसके अलावा 10 लाख रुपये जुर्माना और 5 साल की जेल तक बढ़ाया जा सकता है। इस कानून के दायरे में UPSC, SSC, RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड), IBPS बैंकिंग से जुड़े एग्जाम, NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) और अन्य सरकारी एग्जाम शामिल हैं।
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