नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बाढ़ संकट से बिहार के लगभग 13 जिले त्रस्त हैं। नाले, नदियां और तालाब लबालब भरे हुए हैं। बिहार में गहराते बाढ़ संकट के बीच रोजाना लोगों के डूबने की नई-नई घटनाएं सामने आ रही हैं। खासकर कोसी-सीमांचल क्षेत्र में डूबने से मौत की घटनाएं अधिक हो रही हैं। पिछले दो दिनों में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। गुरुवार को भी कोसी क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो गई।
कोसी सीमांचल क्षेत्र में डूबने से आधा दर्जन से अधिक लोगों की हुई मौत
कोसी सीमांचल क्षेत्र में गुरुवार को डूबने से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं दो बच्चे लापता हो गए। सुपौल, मधेपुरा, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, पूर्वी चंपारण और खगड़िया सहित अन्य जिलों में ये हादसे हुए हैं। पूर्वी चंपारण जिले में कलश स्थापना के लिए बागमती की उपधारा से जल लाने गए 2 लोग डूब गए। वहीं मधेपुरा जिले के सुरसर नदी में डूबने से 40 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मोतिहारी में हादसे में 4 लोग डूबे
पूर्वी चंपारण के मधुबन में जलबोझी के दौरान बागमती की उपधारा में 2 लोग डूब गए। दोनों की देर रात तक तलाश की गई, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया। वहीं चकिया के पिपरा प्रखंड के नरहर पकड़ी स्थित बूढ़ी गंडक नदी में भी जलबोझी के दौरान दो किशोर पानी में डूब गए। उनकी तलाश एनडीआरएफ के द्वारा की जा रही है।
परसौनी गांव में एक बच्ची की डूबने से हुई मौत
वहीं सुपौल के मरौना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में एक बच्ची की डूबने से मौत हो गई। वो बच्ची अपने दरवाजे के पास खेल रही थी और खेल खेल में वो पानी में लुढ़क गई। इसके अलावा कटिहार जिले में भी नदी में स्नान करने गए दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चों को एनडीआरएफ खोजने का प्रयास कर रही है।





