जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंगलवार को राजभवन में पूर्व न्यायाधीश प्रताप कृष्ण लोहरा को लोकायुक्त पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने लोकायुक्त पद पर लोहरा की नियुक्ति का राज्यपाल मिश्र की ओर से जारी किया गया वारंट हिन्दी में पढक़र सुनाया। राजभवन के बैंक्वेंट हॉल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री रघु शर्मा, शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी, तकनीकी और संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली, न्यायाधीशगण, पुलिस महानिदेशक एम. एल. लाठर, प्रशासनिक और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण और लोहरा के परिजन मौजूद रहे। लोकायुक्त नियुक्त किए गए लोहरा राजस्थान उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। राजस्थान में लोकायुक्त का पद मार्च 2019 से खाली था। मौजूदा सरकार ने तत्कालीन लोकायुक्त एसएस कोठारी को हटा दिया था। जस्टिस लोहरा का जन्म 4 सितंबर 1957 को हुआ था। उन्होंने 25 नवंबर 1979 को अधिवक्ता के रूप में बार कॉउंसिल ऑफ राजस्थान में अपना एनरोलमेंट करवाने के साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में लंबे समय तक वकालत की। विशेषकर संवैधानिक कानून, नागरिक कानून और औद्योगिक कानून पर उनकी पकड़ रही। लोहरा 1993 से 2003 तक तकनीकी शिक्षा विभाग, राजस्थान के लिए स्थाई परामर्शदाता/पैनल वकील बने। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में 7 वर्ष से अधिक समय तक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर के अधिवक्ता रहे। राजस्थान उच्च न्यायालय में एमजीबी के लिए स्थायी परामर्शदाता ग्रामीण बैंक पाली पांच साल से अधिक समय तक अधिवक्ता रहे। वे सात वर्षों से अधिक समय तक राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के समक्ष राजस्थान राज्य सडक़ परिवहन निगम के लिए स्थायी परामर्शदाता रहे। आठ जनवरी 2013 को उन्हें राजस्थान उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और दो साल बाद उन्हें राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थाई न्यायाधीश नियुक्त किया गया। तीन सितंबर 2019 को लोहरा राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत हो गए थे। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर




