back to top
30.1 C
New Delhi
Thursday, April 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बच्चों को जबरन Santa बनाने पर रोक, इस जिले में शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दी चेतावनी

श्रीगंगानगर शिक्षा विभाग ने स्कूलों को चेतावनी दी है कि बच्चों को अनावश्यक दबाव में सांता क्लॉज़ न बनाएं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से शिक्षा विभाग ने एक अहम चेतावनी जारी की है। जिले के स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि क्रिसमस के अवसर पर छात्रों को सांता क्लॉज़ के रूप में कपड़े पहनाने के लिए मजबूर न किया जाए। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में 25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान स्कूलों में भी बच्चों को सांता क्लॉज़ या अन्य भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि श्रीगंगानगर शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर कोई स्कूल बच्चों पर दबाव डालेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि क्रिसमस समारोहों के दौरान बच्चों को अनावश्यक दबाव में नहीं लाया जाए। प्राइवेट स्कूलों को यह निर्देश 22 दिसंबर को अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अशोक वाधवा की ओर से जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि यदि कोई स्कूल छात्रों को सांता बनने के लिए मजबूर करता पाया गया, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, वाधवा ने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों को बच्चों या उनके माता-पिता पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए, ताकि छात्र अपनी मर्जी से किसी गतिविधि में भाग लें।

श्रीगंगानगर शिक्षा विभाग की यह चेतावनी इस बात को रेखांकित करती है कि बच्चों के अधिकार और उनकी सहमति का सम्मान करना बेहद जरूरी है। क्रिसमस जैसे त्योहारों में बच्चों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, लेकिन उनकी इच्छा के विपरीत किसी भूमिका में फंसाना अनुचित माना जाएगा। अधिकारी ने साफ कहा कि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस कदम के जरिए शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बच्चों की सुरक्षा, मानसिक शांति और स्वतंत्रता सर्वोपरि है। अधिकारी अशोक वाधवा के अनुसार, स्कूलों को सिर्फ आयोजन की तैयारी तक ही सीमित रहना चाहिए और बच्चों की इच्छा का सम्मान करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिसमस जैसे त्योहारों का आनंद बच्चे अपनी मर्जी से लें, न कि किसी दबाव के कारण।

शिक्षा विभाग की इस चेतावनी के बाद जिले के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई स्कूल इस दिशा-निर्देश की अवहेलना करता है, तो कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के आदेश से बच्चों के स्वतंत्रता और अधिकार की रक्षा सुनिश्चित होती है।

Advertisementspot_img

Also Read:

लोकगायक छोटू सिंह को विधायक रविंद्र भाटी ने दी जान से मारने की धमकी, छोटू सिंह बोले- आप विधायक हैं, लेकिन मैं धमकियों से...

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान में लोकगायक Chhotu Singh Rawna ने शिव विधायक Ravindra Singh Bhati पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छोटू सिंह का कहना...
spot_img

Latest Stories

Alia Bhatt ने पहनी मोगरे के फूल से सजी साड़ी, शादी में ट्रेंड बन सकती है ये डिजाइन

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। एक्ट्रेस Alia Bhatt हाल ही...

West Bengal Election 2026: बंगाल को दिलाएंगे पुरानी पहचान, आसनसोल से TMC पर गरजे PM मोदी, कहा- ये चुनाव बदलाव का…

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में प्रधानमंत्री...

CBSE DRQ Tier-2 Exam 2026 सिटी स्लिप जारी, ऐसे करें डाउनलोड, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने...

FIR vs Zero FIR में क्या अंतर है? जानिए आपका कानूनी अधिकार

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जब भी हम लोग किसी मुसीबत...

Hyundai Price Hike: 1 मई से महंगी होंगी Hyundai की कारें, जानिए कितनी बढ़ेगी कीमत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Hyundai ने घोषणा की है कि...

Madhyamgram सीट पर किसका रहेगा कब्जा? TMC vs BJP में कड़ी टक्कर के आसार

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵