नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजस्थान के उदयपुर में हुए चर्चित कन्हैयालाल (Kanhaiya Lal) हत्याकांड को करीब चार साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है। एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है, जहां परिवार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए न्याय में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है।
कन्हैयालाल की 28 जून 2022 को उनकी दुकान में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
Kanhaiya Lal के परिवार की पीड़ा फिर आई सामने
कन्हैयालाल के बेटे ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके पिता की अस्थियां आज भी विसर्जन का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नहीं मिलती, तब तक वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे।
परिवार का कहना है कि जब आरोपी अपना अपराध स्वीकार कर चुके हैं, तो सजा देने में इतनी देरी क्यों हो रही है। इस बयान ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।
सियासत भी हुई तेज, उठे बड़े सवाल
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केस की सुनवाई धीमी है और अब तक विशेष अदालत का गठन नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक, इस केस में अब तक सभी गवाहों की गवाही पूरी नहीं हो सकी है, जिससे सुनवाई में लगातार देरी हो रही है। यही कारण है कि परिवार और विपक्ष दोनों न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, कन्हैयालाल हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था की गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर भी बड़ा सवाल बन चुका है।





