नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान के भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 7 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुआ हादसा
यह हादसा भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट नंबर G1/118B स्थित एक निजी फैक्ट्री में हुआ। सुबह करीब 9:52 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चश्मदीदों के अनुसार, फैक्ट्री में एक के बाद एक 3 से 4 तेज धमाके हुए, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया।
केमिकल और ज्वलनशील सामग्री से तेजी से फैली आग
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में केमिकल और बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। साथ ही गत्तों का भारी स्टॉक भी मौजूद था। आशंका जताई जा रही है कि गैस सिलेंडर फटने से धमाके हुए और आग तेजी से फैल गई। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि फैक्ट्री के एक हिस्से में पटाखा निर्माण का काम चल रहा था और आग सबसे पहले वहीं लगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
20-25 मजदूर थे मौजूद
हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 7 शव बरामद किए गए, जिनमें कई शव बुरी तरह झुलस चुके थे। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। दमकल की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। Rajasthan Police, स्थानीय प्रशासन, बचाव दल और मेडिकल टीम ने राहत कार्य संभाला। क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। फिलहाल कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है, जबकि मृतकों के परिजनों में गहरा आक्रोश है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर फैक्ट्री में ज्वलनशील और खतरनाक सामग्री रखी गई थी, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे यह बड़ा सवाल बन गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय हो पाएगी।





