नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। नेपाल में एक बार फिर से राजशाही बहाली करने के लिए विरोध सड़कों तक आ गया है। काठमांडू की सड़कों पर आज राजशाही की बहाली को लेकर महासंग्राम देखने को मिला। जो लोग राजशाही के समर्थन में थे उन्होंने ‘राजा आओ देश बचाओ’ के नारे लगाकर राजशाही की बहाली की मांग की। उनके विरोध में वह लोग भी थे जो गणतंत्रवाद के पक्ष में थे। देखते ही देखते प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया कि पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस कार्यवाई में एक शख्स घायल हो गया।
राजशाही बहाल करने की मांग कर रहे हैं प्रदर्शनकारी
काठमांडू में तिनकुने और भृकुटिमंडप में राजशाही विरोधी और राजशाही समर्थक आमने सामने प्रदर्शन करन के लिए उतरे थे। जैसे ही वे न्यू बानेश्वर की ओर बढ़ने लगे वैसे ही कई युवकों को हिरासत में ले लिया गया। राजशाही की बहाली की मांग को लेकर राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और अन्य लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए जिसमें उनक समर्थकों ने राजा आओ देश बचाओ, भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद, राजशाही वापस चाहिए जैसे नारे लगाए। आरपीपी सहित अन्य दलों ने पूर्व नरेश के बयान का समर्थन किया था जिन्होंने प्रजातंत्र दिवस के मौके पर राजशाही की बहाली को लेकर जनता से समर्थन मांगा था।
गणतंत्रवादी गुट ने भी किया पलटवार
राजशाही समर्थकों के सामने गणतंत्रवादी गुट के लोगों ने भी करारा पलटवार किया। दरअसल, समाजवादी मोर्चे की लीडरशिप में हजारों गणतंत्रवादी इकट्ठा हुए थे। उन्होंने गणतंत्र व्यवस्था के पक्ष में नारेबाजी की। इसके अलावा उन्होंने गणतंत्र व्यवस्था अमर रहे, राजशाही मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए। गणतंत्र समर्थक मोर्चे में सीपीएन-माओवादी सेंटर और सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट जैसे राजनीतिक दल भी शामिल हैं। माओवादी प्रमुख पुष्पकमल दहल प्रचंड सहित अन्य नेताओं ने भृकुटिमंडप में सोशलिस्ट फोरम द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित किया।




