नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल इस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के अहम फैसले से एक दिन पहले पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हसीना की पार्टी, आवामी लीग, जिस पर यूनुस सरकार ने पहले से प्रतिबंध लगा रखा है, उसने आज राष्ट्रव्यापी ‘पूर्ण बंद’ का ऐलान किया है। इस स्थिति के बीच शेख हसीना ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए एक भावनात्मक ऑडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से सड़कों पर आंदोलन और तेज करने की अपील की है।
बता दें कि ढाका में रविवार रात तनाव और बढ़ गया जब शहर के कई हिस्सों में देसी बम धमाकों की खबरें सामने आईं। अंतरिम सरकार की सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन के घर के बाहर रात करीब 9 बजे दो बम फटे, जबकि एक अन्य विस्फोट कारवां बाजार इलाके में हुआ। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
ढाका में सख्ती बढ़ी, हिंसा पर गोली चलाने के आदेश
ढाका में तनावपूर्ण माहौल के बीच सुरक्षा एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने स्पष्ट आदेश दिया है कि हिंसा फैलाने वालों, विशेषकर पुलिस बल पर हमला करने वालों के खिलाफ गोली चलाने तक की कार्रवाई की जाए। सोमवार को आने वाले अहम अदालत के फैसले के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्थाएं और मजबूत कर दी गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) आज एक संवेदनशील केस में फैसला सुनाने वाला है। इस मामले में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन पर जुलाई–अगस्त के छात्र आंदोलन के दौरान मानवता-विरोधी अपराध और अशांति भड़काने के आरोप लगे हैं। इस मामले में सुनवाई 23 अक्टूबर को पूरी हुई थी।
देशभर में आवामी लीग का दो-दिवसीय बंद
रविवार की सुबह बांग्लादेश में असामान्य सन्नाटा दिखाई दिया। जिन सड़कों पर आम दिनों में भारी आवाजाही रहती है, वहां ट्रैफिक बेहद कम था। कई दुकानें देर से खुलीं और लोगों ने एहतियातन घरों से बाहर निकलना कम कर दिया। यह बेचैनी तब और बढ़ गई जब आवामी लीग ने दो दिन के राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान कर दिया। अंतरिम सरकार द्वारा पार्टी और उसके सहयोगियों की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद आवामी लीग के नेता अब गुप्त स्थानों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश और घोषणाएं जारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि शेख हसीना के खिलाफ चल रहा मामला 2024 में जुलाई–अगस्त के दौरान हुए व्यापक छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। हसीना पर इन प्रदर्शनों से संबंधित मानवता-विरोधी अपराधों के आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें उन्होंने सख्ती के साथ निराधार बताते हुए खारिज किया है।




