नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अगर आप एक ही कंपनी में 10 साल तक काम कर रहे है तो यह प्लान ऐसे कर्मचारियों के लिए सुनहरा मौका हो सकता है। 75,000 रुपए मासिक सैलरी पर ग्रेच्युटी के जरिए लाखों का फंड सुरक्षित किया जा सकता है। यह रिटायरमेंट बेनेफिट अंतिम सैलरी और सेवा अवधि के आधार पर मिलता है, जिसे आसान फॉर्मूले से कैलकुलेट किया जा सकता है।
75,000 रुपए की सैलरी पर ग्रेच्युटी
नौकरी में लंबी सेवा का इनाम ही ग्रेच्युटी माना जा सकता है। अगर आपकी बेसिक सैलरी 75,000 रुपए है और आप 10 साल सेवा कर चुके हैं, तो ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन बेहद आसान फॉर्मूले से किया जा सकता है। यह रिटायरमेंट के समय आपके लिए लाखों का सुरक्षित फंड बनाता है।
जी हां! पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत यह 20 लाख तक टैक्स-फ्री मिल सकती है। घर बैठे आसानी से कैलकुलेटर से चेक करें। आइए जानें ग्रेच्युटी क्या है, कब मिलती है, कैलकुलेशन कैसे करें और आपके केस में कितनी रकम बन सकती है।
ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी एक कंपनी में लंबे समय तक नौकरी के तौर पर सेवा करने का इनाम है। यह लंपसम रकम 5 साल या ज्यादा सेवा पर मिलती है, चाहे रिटायरमेंट हो, रिजाइन या मौत। और यह नियम 10 या ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों पर लागू होता। इस नियम में अधिकतम 20 लाख रुपए तक टैक्स-फ्री। साथ ही यह आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी का भी जरिया है।
कब मिलती है ग्रेच्युटी?
ग्रेच्युटी कर्मचारी को कम से कम 5 साल की लगातार सेवा पूरी करने पर मिलती है (कुछ मामलों में 4 साल 240 दिन)। यह राशि रिटायरमेंट (58 वर्ष की आयु), रिजाइनेशन, या कर्मचारी की मृत्यु व स्थायी विकलांगता की स्थिति में दी जाती है, जो नौकरी में लंबे समय का इनाम है।
खास बात यह है कि, मौत या स्थायी विकलांगता में 5 साल की सेवा शर्त लागू नहीं होती। इंप्लायर को ग्रेच्युटी का भुगतान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है, वरना उस पर करीब 7% ब्याज देना पड़ सकता है। यह कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और रिटायरमेंट का महत्वपूर्ण साधन है।
ग्रेच्युटी का फुल कैलकुलेशन
ग्रेच्युटी की गणना का फॉर्मूला है- (15 × लास्ट सैलरी × सर्विस ईयर) ÷ 26। लास्ट सैलरी में बेसिक पे और DA शामिल होता है। यदि नौकरी की अवधि 6 महीने से अधिक है, तो उसे अगले पूरे साल के रूप में गिना जाता है। फिलहाल अधिकतम सीमा ₹20 लाख तय है।
उदाहरण के तौर पर, बेसिक सैलरी ₹75,000 और DA शून्य होने पर 10 साल की सेवा पर ग्रेच्युटी फॉर्मूले से ₹43.26 लाख बनती है, लेकिन कैपिंग के कारण केवल करीब ₹20 लाख ही मिलेंगे। अगर DA 20% यानी कुल वेतन ₹90,000 हो, तो गणना ₹51.92 लाख दिखाती है, फिर भी अधिकतम सीमा ₹20 लाख है।
75,000 की सैलरी पर ग्रेच्युटी से बनेंगे मालामाल
रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी लंपसम और टैक्स-फ्री होती है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं। इसे पाने के लिए कम से कम 5 साल की सेवा पूरी होनी चाहिए। सही नियम और प्रक्रिया की जानकारी के लिए कर्मचारियों को अपनी कंपनी से अवश्य पूछताछ करनी चाहिए।
उदाहरण के लिए, यदि आपकी बेसिक सैलरी ₹75,000 है और आपने 10 साल नौकरी की है, तो लगभग ₹20 लाख की ग्रेच्युटी मिल सकती है। सही अनुमान के लिए ग्रेच्युटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना समझदारी है, जिससे आप अपने रिटायरमेंट फंड की सटीक राशि जान सकते हैं।
क्या कहता है नियम
ग्रेच्युटी को सरल शब्दों में कहें तो यह कर्मचारी के काम का तोहफा और अधिकार है। यह रिटायरमेंट, नौकरी छोड़ने, मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर मिलती है। हर पूरे साल की सेवा पर 15 दिन का वेतन और 26 वर्किंग डेज के आधार पर गणना होती है। लंबे समय तक नौकरी करने वालों के लिए यह आर्थिक सुरक्षा का अहम साधन है।
(Note: खबर सामान्य जानकारी पर है, कैलकुलेशन कम ज्यादा हो सकता है)





