नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रिषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने पांचवें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 2 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने पहले पांच दिनों में विश्वव्यापी रूप से ₹370 करोड़ का कलेक्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह फिल्म न केवल कर्नाटक में सबसे बड़े वीकेंड ओपनिंग की रिकॉर्डधारक बनी है, बल्कि इसने अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा: द राइज़’ (₹350.1 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है।
कांतारा चैप्टर 1 का बॉक्स ऑफिस धमाका
भारत में ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने कुल ₹307 करोड़ का सकल कलेक्शन दर्ज किया है, जिसमें से नेट घरेलू कमाई ₹255.75 करोड़ रही। वहीं, विदेशी बाजार से भी फिल्म ने लगभग ₹63 करोड़ (लगभग 7 मिलियन डॉलर) की कमाई की है। इन आंकड़ों के साथ यह फिल्म रिलीज के महज पांच दिनों में ₹370 करोड़ की कमाई के साथ विश्वव्यापी बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह पक्की कर चुकी है।
दूसरी सबसे बड़ी कन्नड़ फिल्म है।
विशेष बात यह है कि इस फिल्म ने अपने पूर्ववर्ती ‘कांतारा’ (2022) की कुल कमाई के करीब पहुंचने की स्थिति बना ली है, जो ₹407.82 करोड़ की कुल कमाई के साथ अब तक की दूसरी सबसे बड़ी कन्नड़ फिल्म है। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ जल्दी ही इसे भी पार कर सकती है। हालांकि, इस सफलता के बाद अब सभी की नजरें प्रशांत नील के निर्देशन में बनी ‘केजीएफ चैप्टर 2’ (₹1215 करोड़) के रिकॉर्ड पर टिकी हैं, जिसे तोड़ पाना फिलहाल चुनौतीपूर्ण नजर आता है।
फिल्म की कहानी और कलाकार
‘कांतारा चैप्टर 1’ फिल्म 2022 की ब्लॉकबस्टर ‘कांतारा’ का प्रीक्वल है, जिसमें रिषभ शेट्टी ने निर्देशन के साथ-साथ मुख्य भूमिका भी निभाई है। इस फिल्म का निर्माण हॉम्बले फिल्म्स ने किया है। फिल्म में रुक्मिणी वसंत, गुलशन देवैया और जयाराम ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म की कहानी कर्नाटक की पृष्ठभूमि में
फिल्म की कहानी प्रीकॉलोनियल कर्नाटक की पृष्ठभूमि में सेट है और इसमें भूता कोला की सांस्कृतिक परंपराओं को गहराई से दर्शाया गया है। फिल्म के नायक बर्मे (रिषभ शेट्टी) एक आदिवासी युवक हैं, जो अपने कांतारा क्षेत्र के लोगों के लिए स्वायत्तता हासिल करने के लिए संघर्ष करते हैं। इस प्रयास में उन्हें शाही राजकुमार कुलशेखर (गुलशन देवैया) का सख्त विरोध सहना पड़ता है, जिससे बर्मे को अपनी हिम्मत और जुझारूपन का परिचय देना पड़ता है।
रुक्मिणी वसंत राजकुमारी कनकावथी की भूमिका में हैं,
रुक्मिणी वसंत राजकुमारी कनकावथी की भूमिका में हैं, जबकि जयाराम राजा राजशेखर के किरदार में दिखाई देते हैं। ‘कांतारा चैप्टर 1’ अंततः ‘कांतारा’ की दुनिया में और भी कई कहानियों के लिए रास्ता खोलती है, जिससे दर्शकों में आगे की कड़ियों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
कांतारा की सफलता की वजह
इस फिल्म की सफलता की एक बड़ी वजह इसकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी कहानी, दमदार अभिनय, और प्राचीन कर्नाटक की जीवंत झलक है। रिषभ शेट्टी ने स्थानीय परंपराओं और लोककथाओं को बड़ी खूबसूरती और सजीवता से पर्दे पर उतारा है, जो दर्शकों को खूब भा रही है। इसके साथ ही, फिल्म की तकनीकी गुणवत्ता, बैकग्राउंड स्कोर, और सिनेमैटोग्राफी ने भी इसकी लोकप्रियता को चार चांद लगाए हैं।
‘कांतारा चैप्टर 1’ भरपूर खजाना
‘कांतारा चैप्टर 1’ ने न केवल कन्नड़ सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि भारतीय सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। पांच दिनों के भीतर ₹370 करोड़ का कलेक्शन इस बात का संकेत है कि दर्शक अब ऐसी फिल्मों को पसंद कर रहे हैं, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ मनोरंजन का भी भरपूर खजाना प्रस्तुत करती हैं।
आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘कांतारा चैप्टर 1’ ‘केजीएफ चैप्टर 2’ के रिकॉर्ड को चुनौती दे पाती है या नहीं, लेकिन फिलहाल इस फिल्म ने हर लिहाज से अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया है।




