नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । नीतू कपूर आज हिंदी सिनेमा की उन चंद अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने बचपन से ही कैमरे के सामने अभिनय करना शुरू कर दिया था। 8 जुलाई 1958 को दिल्ली के एक जाट सिख परिवार में जन्मीं नीतू का असली नाम हरनीत कौर था। उनके पिता दर्शन सिंह का निधन तब हो गया था, जब नीतू बहुत छोटी थीं। इसके बाद उनकी मां राजी कौर उन्हें लेकर मुंबई आ गईं।
महज 5 साल की उम्र में नीतू ने फिल्मों की दुनिया में कदम रख दिया था। उस उम्र में जब बच्चे स्कूल और खेलों में मगन रहते हैं, नीतू फिल्मी सेट पर व्यस्त रहने लगी थीं। लेकिन शायद बहुत कम लोगों को पता है कि उन्हें इस दुनिया में लाने वाली एक मशहूर अभिनेत्री थीं, जिनकी प्रेरणा और सिफारिश पर नीतू को पहला ब्रेक मिला था।
इस फिल्म से हुआ नीतू कपूर का डेब्यू
नीतू कपूर ने महज 5 साल की उम्र में हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय की शुरुआत की थी। उन्हें फिल्मी दुनिया में लाने का श्रेय दिग्गज अभिनेत्री वैजयंतीमाला को जाता है। दरअसल, वैजयंतीमाला ने ही डायरेक्टर टी. प्रकाश राव को अपनी फिल्म ‘सूरज’ (1966) के एक किरदार के लिए नीतू का नाम सुझाया था। इस फिल्म में नीतू ने अभिनेत्री वैजयंतीमाला के किरदार ‘गीता’ के बचपन की भूमिका निभाई थी। दिलचस्प बात यह रही कि इस फिल्म में उन्हें क्रेडिट लिस्ट में जगह नहीं मिली।
‘दो कलियां’ से मिली असली पहचान
‘सूरज’ फिल्म से करियर की शुरुआत करने के बाद नीतू कपूर ने ‘दस लाख’ जैसी फिल्मों में भी छोटी भूमिकाएं निभाईं, जिसमें बबीता कपूर और संजय खान लीड रोल में थे। लेकिन नीतू को असली पहचान मिली 1968 में रिलीज हुई फिल्म ‘दो कलियां’ से, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था। इस फिल्म में नीतू ने जुड़वां बहनों का किरदार निभाकर दर्शकों को हैरान कर दिया था। ‘बच्चे मन के सच्चे, सारी दुनिया की आंखों के तारे’ जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं, जो नीतू की मासूम छवि को अमर कर देते हैं। इसके बाद नीतू कपूर ने ‘वारिस’ और ‘पवित्र पापी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।
हरनीत कौर से बनीं नीतू कपूर
नीतू कपूर ने जब सिनेमा की दुनिया में कदम रखा, तब उन्होंने अपने मासूम अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनानी शुरू कर दी थी। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में उन्हें ‘बेबी सोनिया’ के नाम से पहचाना जाता था। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि नीतू कपूर का असली नाम हरनीत कौर था। फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपना स्क्रीन नाम पहले ‘बेबी सोनिया’ और फिर आगे चलकर ‘नीतू सिंह’ रखा, जिसे बाद में शादी के बाद नीतू कपूर के नाम से जाना गया।
ऋषि कपूर के भाई के साथ किया था ऑनस्क्रीन रोमांस
बाल कलाकार के रूप में लोकप्रियता हासिल करने के बाद नीतू कपूर ने टीनएज में बतौर लीड एक्ट्रेस फिल्म ‘रिक्शावाला’ (1973) से नई शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर के साथ रोमांस करते हुए नजर आयी। हालांकि नीतू की परफॉर्मेंस को सराहा गया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। नीतू की किस्मत का सितारा तब चमका जब उन्हें नासिर हुसैन की बहुचर्चित फिल्म ‘यादों की बारात’ में अहम किरदार मिला। इस फिल्म की सफलता के बाद नीतू कपूर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी।
शादी के बाद लिया फिल्मी दुनिया से ब्रेक
नीतू कपूर ने साल 1980 में अभिनेता ऋषि कपूर से शादी रचाई। उनके दो बच्चे हैं रणबीर कपूर और रिद्धिमा कपूर। बता दें कि पांच साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद इस जोड़ी ने सात फेरे लिए। शादी के बाद नीतू ने परिवार को प्राथमिकता दी और फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। ऋषि कपूर के साथ उन्होंने कुल 12 फिल्मों में काम किया और उनकी आखिरी फिल्म ‘गंगा मेरी मां’ 1983 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 25 सालों का लंबा ब्रेक लिया।
हालांकि, नीतू कपूर ने दोबारा सिल्वर स्क्रीन पर वापसी की फिल्म ‘लव आज कल’ से। इसके बाद उन्होंने पति ऋषि कपूर के साथ फिल्म ‘दो दूनी चार’ में बेहतरीन अभिनय किया, जिसे खूब सराहा गया। ऋषि कपूर के निधन के बाद नीतू ने खुद को काम में व्यस्त रखते हुए अभिनय से जुड़ाव बनाए रखा। आखिरी बार उन्हें फिल्म ‘जुग जुग जीयो’ में देखा गया था।





