नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। सलीम खान का नाम बॉलीवुड में बहुत बड़ा है। लेकिन उनका शुरुआती करियर काफी संघर्षों से भरा था। बॉलीवुड के दिग्गज लेखक और अभिनेता सलीम खान का जन्म 24 नवंबर 1935 में हुआ था। एक समय था जब सलीम-जावेद के नाम से फिल्में चलती थीं और वे बॉलीवुड के सबसे बड़े लेखक बन गए थे। लेकिन उनका ये सफर आसान नहीं था। आज सलीम खान का 89वां जन्मदिन हैं। आइए उनके जन्मदिन के अवसर पर हम आपको उनसे जुड़े किस्सों के बारे में बताते हैं।
इंदौर से मुंबई तक का सफर
सलीम खान का जन्म इंदौर में हुआ था। फिल्मों में उन्हें मौका एक शादी में मिला जहां फिल्म निर्माता अमरनाथ ने उन्हें हीरो बनने का ऑफर दिया। हालांकि, सलीम पहले थोड़ा हिचकिचाए लेकिन निर्माता की बातों से उन्हें भरोसा हुआ और वे मुंबई जाने के लिए तैयार हो गए।
मुंबई में किया संघर्ष
मुंबई पहुंचने पर सलीम खान ने मरीना गेस्ट हाउस में छोटे से कमरे में रहना शुरू किया। वहां उन्हें कई बार लगा कि वे वापस लौट जाएं लेकिन अपने बड़े भाई का ताना याद करके उन्होंने हार मानने का नाम नहीं लिया। सलीम ने कई छोटी फिल्में कीं जिनमें उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली।
जावेद अख्तर से मुलाकात
सलीम की मुलाकात जावेद अख्तर से फिल्म सरहदी लुटेरे के दौरान हुई। जावेद तब क्लैपर ब्वॉय थे और बाद में वे सलीम के साथ मिलकर कई सुपरहिट स्क्रिप्ट्स लिखने लगे। फिल्म हाथी मेरे साथी की सफलता के बाद सलीम-जावेद की जोड़ी को जबरदस्त पहचान मिली और उनका करियर राइटर के रूप में शरू हो गया।
सलमान खान के स्कूल की फीस नहीं भर पाए थे
सलीम खान के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास अपने बेटे सलमान खान की स्कूल फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे। सलमान को फीस न देने पर स्कूल में सजा दी गई थी। सलीम ने प्रिंसिपल से कहा कि अगर किसी को सजा देना है तो वह उन्हें दी जानी चाहिए क्योंकि फीस भरने की जिम्मेदारी उनकी है।
सलीम खान की यह संघर्षपूर्ण यात्रा उनकी जिद और मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है जिसने उन्हें बॉलीवुड का दिग्गज लेखक बना दिया।





