नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्या आप भी अधिकतर टैक्स पेमेंट्स के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो NPCI ने आप जैसे लाखों टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई से टैक्स भरने की सीमा 5 लाख तक बढ़ा दी है। टैक्सपेयर्स की ओर से यह मांग लंबे समय से चलती आ रही थी जिसका संज्ञान लेते हुए सरकार ने सर्कुलर जारी करके इस बदलाव की घोषणा की। यह सीमा राशि पहले काफी कम हुआ करती थी।
कब से कर पाएंगे 5 लाख तक पेमेंट
NPCI ने बैंको, पेमेंट्स सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप्स से यह फैसला लागू करने के लिए निर्देशित किया है। जारी सर्कुलर के हिसाब से NPCI ने इस फैसले को 15 सितंबर से लागू करने को कहा है जिससे करदाताओं को 16 सितंबर से यह सुविधा मिल सके। इसके साथ ही लोग अब अन्य कैटेगरी में प्रति ट्रांजेक्शन 5 लाख रुपये तक का UPI भुगतान कर सकते हैं। NPCI ने बैंकों, पेमेंट्स सर्विस प्रोवाइडर्स और यूपीआई ऐप से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सत्यापित व्यापारियों की एमसीसी 9311 कैटेगरी के लिए लेनदेन की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।
टैक्स के अलावा इन सुविधाओं पर भी मिलेगा लाभ
टैक्स के अलावा इस सुविधा का लाभ अस्पताल और एजुकेशन संस्थान और IPO के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि इसका दारोमदार आपके बैंक पर भी निर्भर करता है कि क्या आपका बैंक इतनी ट्राजेक्शन की अनुमति दे सकता है या नहीं। उदारहण के लिए, इलाहाबाद बैंक 25000 रुपये तक की UPI लिमिट देता है, जबकि ICICI बैंक और HDFC बैंक 1 लाख की लिमिट देते हैं।




