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Thursday, April 9, 2026
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दिवाली से पहले प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, EPFO पेंशन बढ़ने की उम्मीद

इस दिवाली प्राइवेट कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आ सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ने की संभावना है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । इस दिवाली प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना है। अनुमान हैं कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपनी एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम के तहत न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है। दरअसल, 10 और 11 अक्टूबर को EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक बेंगलुरु में प्रस्तावित थी। इस बैठक से कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल कर्मचारी इस संबंध में EPFO की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

EPS पेंशन में हो सकता है बड़ा बदलाव

कर्मचारियों के अनुसार, एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन राशि काफी कम है। वर्ष 2014 में यह राशि 1000 रुपये प्रतिमाह तय की गई थी, जिसके बाद से अब तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। लंबे समय से कर्मचारी इस राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में हुई बैठक में इस पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह करने पर चर्चा हुई है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो लाखों पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकती है।

महंगाई के मुकाबले पेंशन बेहद कम 

कर्मचारियों और पेंशनधारकों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई के मुकाबले 1000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन बेहद कम है। बदलते समय में यह राशि गुजारे लायक नहीं रह गई है, इसी वजह से लंबे समय से ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स संगठनों द्वारा न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की जा रही है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने पेंशन राशि में सीधे 7.5 गुना बढ़ोतरी की मांग को फिलहाल खारिज कर दिया है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ हद तक बढ़ोतरी पर सहमति बन सकती है।

जानिए EPFO पेंशन कैसे होती है कैलकुलेट

एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशन की गणना एक खास फॉर्मूले से की जाती है। यह फॉर्मूला है (पेंशन = पेंशनेबल सैलरी × पेंशनेबल सर्विस)÷ 70 । इसमें पेंशनेबल सैलरी का मतलब आपके अंतिम 60 महीनों की औसत वेतन से है, जबकि पेंशनेबल सर्विस का तात्पर्य उस अवधि से है, जब आपने EPS में योगदान दिया हो। EPFO पेंशन के लिए मासिक सैलरी की अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तय की गई है। इसके अलावा, पेंशन प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 साल नौकरी करना अनिवार्य है।

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