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Tuesday, May 19, 2026
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सावधान! इन 4 दिन बैंकों पर जड़ा रहेगा ताला,जानिए किस तारीख से पहले लिपटा लें अपने काम

बैंक कर्मचारी संघों ने 27 जनवरी को 5‑डे वीक की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे पब्लिक सेक्टर के बैंक लगातार चार दिन तक बंद रह सकते है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंक से जुड़े किसी काम की योजना बना रहे हैं, तो सोच-समझकर तारीख तय करें। बैंकों ने हड़ताल का ऐलान किया है, और इस वजह से आपका काम अटक सकता है। हालांकि हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन इससे पहले लगातार तीन दिनों की छुट्टियां भी हैं। इसका मतलब है कि लगातार चार दिन तक बैंकिंग सेवाएं ठप रह सकती हैं। ऐसे में यदि आपने कोई जरूरी लेन-देन, चेक जमा करना या कर्ज़ से जुड़ा काम रखा है, तो आपको अगले महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप जनवरी के दूसरे या तीसरे हफ्ते में ही अपने बैंकिंग काम निपटा लें। हड़ताल की तारीख और बैंककर्मियों की मांगे क्या हैं, ये भी जान लेना ज़रूरी है ताकि आप परेशान न हों।

बैंक 4 दिन तक रह सकते हैं बंद, UFBU ने दी हड़ताल की चेतावनी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने 5 वर्किंग डेज वीक लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। अगर हड़ताल होती है, तो इसका असर मुख्य रूप से सरकारी बैंकों पर पड़ेगा। वजह ये है कि हड़ताल से पहले लगातार तीन दिन बैंक बंद रहेंगे –24 जनवरी: चौथा शनिवार (अवकाश), 25 जनवरी: रविवार,26 जनवरी: गणतंत्र दिवस इसका मतलब है कि हड़ताल के दिन 27 जनवरी के साथ लगातार चार दिन तक बैंकिंग सेवाएं ठप रह सकती हैं। ऐसे में अगर आपको जनवरी के अंत में कोई जरूरी बैंकिंग काम है, तो योजना पहले ही बना लें।

क्या है बैंकों की मांग?

वर्तमान में, बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर माह के दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है। मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूएफबीयू ने सहमति जताई थी कि शेष दो शनिवारों को अवकाश देने पर विचार किया जाएगा। यूएफबीयू का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार उनकी वास्तविक मांग पर ध्यान नहीं दे रही। उनके अनुसार, सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन केवल 40 मिनट अतिरिक्त काम करने की सहमति होने के कारण कार्य समय में कोई कमी नहीं आएगी, लेकिन कर्मचारियों को अधिक संतुलित अवकाश मिले।

क्यों की जा रही यह मांग?

बैंक कर्मचारी संघों का कहना है कि RBI, LIC, GIC जैसे संस्थान पहले से ही सप्ताह में पांच दिन काम कर रहे हैं। वहीं, विदेशी मुद्रा बाजार, करेंसी मार्केट, स्टॉक एक्सचेंज और केंद्र/राज्य सरकार के कार्यालय भी शनिवार को बंद रहते हैं। इसलिए, उनका तर्क है कि बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू न करने का कोई ठोस कारण नहीं है।

यूएफबीयू की हड़ताल की तैयारी: 27 जनवरी को बैंकों में राष्ट्रव्यापी बंद

बयान में कहा गया है कि 27 जनवरी 2026 को सभी बैंकों में अखिल भारतीय हड़ताल का आह्वान किया गया है। यूएफबीयू (United Forum of Bank Unions) भारत के 9 प्रमुख बैंक यूनियनों का छत्र संगठन है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यूनियन ने अपने सोशल मीडिया अभियान #5DayBankingNow का भी जिक्र किया। इस अभियान को अब तक 18,80,027 इंप्रेशन और X प्लेटफॉर्म पर लगभग 2,85,200 पोस्ट मिल चुके हैं, जो कर्मचारियों और आम जनता में इस मुद्दे की गहरी समझ और समर्थन दिखाता है।

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