नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक बार फिर दिव्यता और भव्यता का संगम होने जा रहा है, इसके लिए मंदिर ट्रस्ट ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अगले चरण की तैयारियां शुरू कर दी है। राम मंदिर में नवग्रह स्थापना के बाद औषधिवास और शय्याधिवास अनुष्ठान किया जाएगा। जिसमें चारों वेदों के विद्वान शांति, पोषण और मुख्य हवन के लिए वैदिक मंत्रों का पाठ करेंगे। आइए जानते है पूरी खबर डिटेल में।
5 जून को श्रीराम की नगरी अयोध्या में एक बार फिर दिव्यता और भव्यता का संगम होने जा रहा है, जिसमें होने वाले अनुष्ठान में अग्नि देवता को आहूति दी जाएगी। साथ ही मूर्तियों के शुद्धिकरण की विधि पूरी की जाएगी । इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ भी मुख्य रुप से शामिल होगें। जिसकी शुरुआत हो चुकी है।
बता दे, मंदिर की पहली मंजिल पर राम दरबार की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिनके चारदीवारी के साथ 6 मंदिरों में भगवानसूर्य , भगवानगणेश, भगवानहनुमान, भगवानभोलेनाथ, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी । जिसकी प्राण प्रतिष्ठा 5 जून को होगी। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते है। वहीं इसके अलावा सात मंडप में 7 मंदिर बनाए गए है। जिनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, निषाद राज, अहिल्या और शबरी की मूर्तियां स्थापित की जाएगी।
आचार्य और विद्वान करेंगे अनुष्ठान
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के मार्गदर्शन में चल रहे अनुष्ठानों में देश के अलग अलग हिस्सों से आचार्य और विद्वान करेंगे अनुष्ठान करेगें। जिसमें अग्निहोत्र, विशेष यज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार और पंचगव्य शामिल है। इनसे मूर्तियों को पवित्र कर धार्मिक ऊर्जा को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस महाअनुष्ठान में भगवान राम के साथ-साथ उनके भाई भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और हनुमानजी व भगवान गणेश की मूर्तियों की भी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। सभी मूर्तियों को अलग-अलग विशेष विधियों द्वारा प्रतिष्ठित किया जाएगा। जिसके लिए वैदिक प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।
भक्तों में देखने को मिल रहा भारी उत्साह
अयोध्या राम मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों के बीच भक्तों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिसमें यहां पहुंचने वाले भक्तों में एक अलग ही उत्साह है। हालांकि इसमें भागीदारी करने श्रद्धालु एक सीमित रूप से ही निभा सकते हैं, लेकिन सभी की खुशी और उत्साह देखने लायकहै।




