नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एशियाई युवा खेलों (Asian Youth Games 2025) में भारतीय युवा कबड्डी टीम ने इतिहास रच दिया। जहां बहरीन में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 81-26 से रौंद कर न सिर्फ अपनी जीत की लय बरकरार रखी, बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया। मैच से पहले टॉस के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान खींचा भारतीय कप्तान ईशांत राठी ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया।
नो हैंडशेक ने खींचा ध्यान, मैदान पर दिखा दम
टॉस से पहले हुए इस ‘नो हैंडशेक’ पल ने सोशल मीडिया से लेकर खेल गलियारों तक बहस छेड़ दी। लेकिन मैदान पर जब मुकाबला शुरू हुआ तो भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह स्पष्ट कर दिया कि उनका फोकस सिर्फ जीत पर है। रैड से लेकर डिफेंस तक, हर मोर्चे पर भारत ने पाकिस्तान को पस्त कर दिया। पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय रैडर्स की गति और रणनीति के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। पहले हाफ से ही भारत ने बड़ी बढ़त ले ली थी, जिसे अंत तक और विशाल बना दिया।
अब तक का सफर : अपराजेय टीम इंडिया
भारत की यह लगातार तीसरी बड़ी जीत रही:
बांग्लादेश पर जीत: 83-19
श्रीलंका पर जीत: 89-16
अब पाकिस्तान पर जीत: 81-26
टीम ने हर मुकाबले में 50 अंकों से अधिक का अंतर बनाते हुए यह साबित कर दिया है कि कबड्डी में अभी भी एशिया में भारत का ही एकछत्र राज है। ग्रुप स्टेज के बाद अब भारत की नजरें 23 अक्टूबर को होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।
पहलगाम हमले के बाद बदला भारतीय रवैया?
हाथ न मिलाने की यह घटना अचानक नहीं है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 भारतीयों की शहादत के बाद से ही भारतीय खिलाड़ियों में पाकिस्तान के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है।
कुछ महीने पहले एशिया कप क्रिकेट में भी जब सूर्यकुमार यादव भारतीय टीम की कमान संभाल रहे थे, तब खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ मिलाने से परहेज किया था। इसी तरह महिला क्रिकेट टीम ने भी विश्व कप के दौरान यही रुख अपनाया था।
खेल जानकारों का मानना है कि यह भारत का एक “सांकेतिक विरोध” है, जिसमें खिलाड़ी मैदान में तो खेल भावना निभा रहे हैं, लेकिन आतंक के खिलाफ सख्त संदेश भी दे रहे हैं।
जनता का समर्थन, खेल भावना पर बहस
जहां एक ओर सोशल मीडिया पर अधिकांश लोग भारतीय कप्तान के इस रुख का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ खेल विशेषज्ञ इसे खेल भावना के खिलाफ बता रहे हैं। लेकिन खिलाड़ियों और जनता का कहना है कि “देश पहले, बाकी सब बाद में।”
फाइनल की ओर बढ़ते कदम
राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में सात टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत ने अब तक जिस तरह का दबदबा दिखाया है, उसे देखते हुए फाइनल में उसकी जगह लगभग तय मानी जा रही है। अब देखना होगा कि 23 अक्टूबर को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया किस टीम से टकराती है और क्या वह गोल्ड मेडल जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा करेगी। फिलहाल, भारत टूर्नामेंट में अपराजेय बना हुआ है, भारत ने पाकिस्तान को कबड्डी में 81-26 से करारी मात दी है। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान ने हाथ मिलाने से इनकार कर मूक विरोध जताया, जहां यह विरोध हालिया आतंकी हमलों के बाद देश में फैले आक्रोश का प्रतीक माना जा रहा है। भारत टूर्नामेंट में अपराजेय बना हुआ है, फाइनल में प्रवेश लगभग तय माना जा रहा है।





