नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। सोनम वांगचुक एक पर्यावरण एक्टिविस्ट हैं जिनके साथ लगभग 150 कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। सोनम वांगचुक ने राजघाट स्थित गांधी समाधि स्थल पर बापू को नमन किया। रिहाई के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। सोनम वांगचुक ने बताया है कि उन्होंने अपनी मांगों का एक ज्ञापन सरकार को दिया है और उन्हें टॉप लीडर्स के साथ बैठक का आश्वासन दिया है।
1 अक्टूबर को किया गया था गिरफतार
आपकों बता दें कि सोनम वांगचुक करीब 150 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पैदल यात्रा निकला कर दिल्ली पहुंचे थे। अपनी मांगो को लेकर वांगचुक 2 अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट में धरना करने वाले थे मगर एक दिन पहले देर रात उन्हें सिंघु बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। कल यानी 2 अक्टूबर को सोनम वांगचुक के साथ 150 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया था।
2 अक्टूबर की शाम को पुलिस अपनी कार से सोनम वांगचुक को राजघाट ले गई था जहां वांगचुक ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर जन्म दिवस पर उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री या राष्टपति से मिलने का आश्वाशन
सोनम वागंचुक के रिहा होने के बाद कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या गृह मंत्री से मिलने का आश्वाशन दिया है जिसके बाद ही उन्होंने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया है।
किस आरोप में सोनम वांगचुक को किया गया था गिरफ्तार?
1 अक्टूबर देर रात में दिल्ली पुलिस ने सिंघु सीमा पर निषेधज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में उनके साथ 150 अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफतार कर लिया था। लेह में लेह एपेक्स बॉडी ने पैदल यात्रा को आयोजित किया था जिसका वांगचुक एक महीने पहले से ही नेतृत्व कर रहे थे। दरअसल, लेह एपेक्स बॉडी पिछले चार वर्षों से कारगिल डेमोक्रेटिक के साथ मिलकर लद्दाख को राज्य का दर्जा बनाने और संविधान की छठी अनुसूचि में शामिल करने और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन चला रही है।
वांगचुक ने सरकार को मांगों का दिया ज्ञापन
सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्होंने सरकार को सांविधानिक प्रावधानों के तहत लद्दाख की रक्षा के लिए सरकार को एक ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान की छठी अनुसूची, जो स्थानीय लोगों को संसाधनों के संचालन और प्रबंधन का अधिकार देती है। इसके तहत लद्दाख के लिए एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की मांग की है साथ ही छठी अनुसूची भी उसका हिस्सा है। वागंचुक ने बताया कि उन्हें आश्वाशन दिया गया है और बैठक की पृष्टि भी एक-दो दिनों में हो जाएगी।




