नई दिल्ली, रफ्तार। रेल यात्रियों और गैर यात्रियों के लिए बेहद सुकून देने वाली खबर है। आपने ट्रेन टिकट लिया या नहीं लिया हो स्टेशन परिसर में आपके साथ कोई दुर्घटना होने पर आपके इलाज की पूरी जिम्मेदारी रेलवे की होती है। नियमों के अनुसार रेलवे की प्राथमिकता होगी कि घायल व्यक्ति का तुरंत इलाज कराए। रेलवे का यह नियम हर किसी को जानना चाहिए।
देश में 7 हजार से अधिक स्टेशन
बता दें, देश में 7 हजार से अधिक रेलवे स्टेशन हैं। इनमें ए, बी, सी, डी श्रेणी के स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों से हर दिन 2 करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं। 10 हजार से अधिक ट्रेनें परिचालित होती हैं। इसमें प्रीमियम, एक्सप्रेस, मेल और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
हादसे के शिकार को मुआवजा देने का प्रावधान
सामान्य तौर पर लोग जानते हैं कि ट्रेन में कोई हादसा होता है तो घायल यात्री के इलाज की जिम्मेदारी रेलवे की रहती है। जब तक वह यात्री ठीक नहीं होता। मुआवजे का भी प्रावधान है।
टिकट रहना जरूरी नहीं
रेल मैन्युअल के मुताबिक कोई व्यक्ति ट्रेन से सफर के लिए प्लेटफॉर्म या स्टेशन पहुंचता या फिर स्टेशन परिसर तक जाता है और उसके साथ अप्रिय घटना होती है, जिससे वो घायल हो जाता है तो उसको तुरंत अस्पताल पहुंचाने की और इलाज करवाने की जिम्मेदरी रेलवे की है। भले घायल इंसान के पास किसी तरह का टिकट हो अथवा नहीं हो। अगर, कोई शख्स बगैर टिकट है और जांच में साबित होता है तो उस पर रेलवे नियमानुसार बाद में कार्रवाई करेगा।
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