नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। दिवाली और छठ पूजा का त्योहार नजदीक आ रहा है। दिल्ली में बड़ी संख्या में छठ पर्व मनाने वाले लोग रहते हैं। यही कारण है कि दिल्ली में छठ पूजा धूम धाम से मनाई जाती है। इसी बीच अगर हम बात करें दिल्ली की यमुना नदी की तो वो दिल्लीवासियों के लिए निराशा का कारण बनने जा रही है। आपको बता दें कि दिल्ली की यमुना नदी केमिकल झाग से ढक गई है। यह केमिकल से इस तरह ढक गई है कि यमुना नदी में पानी नहीं बल्कि सिर्फ झाग नजर आ रहा है।
दिल्ली सरकार पर सवाल
दिल्ली की यमुनी नदी में केमिकल झाग भरने के कारण अब दिल्ली की जनता और विपक्ष पार्टियां दिल्ली सरकार पर कई सवाल खड़े किए जा रही हैं। यह सवाल इसलिए खड़े किए जा रहें है क्योंकि दिल्ली सरकार ने कहा था कि यमुना नदी को साफ करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन स्थिति जस की तस है।
नदी में प्रदूषण के लिए आम लोग भी जिम्मेदार
कई स्थानीय लोगों ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि यमुना नदी प्रदूषित होने में 70% दिल्लीवासियों का योगदान भी है। इसके साथ ही लोगों का कहना हैं कि जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम थे तब उन्होंने कहा था कि वो यमुना को साफ कराएंगे और खुद भी उसमें डुबकी लगाएंगे। मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इसी के साथ छठ पूजा का पर्व आने वाला है और लोग चिंतित है कि ऐसे में यमुना नदी में छठ का पर्व कैसे मनाया जाएगा।
सरकार फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायन पर लगाम लगाए
स्थानीय लोगों का कहना यह भी हैं कि यमुना नदी प्रदूषित फैक्ट्री के कारण हो रही है। फैक्ट्री में जिन चीजों का निर्माण हो रहा है वो वातावरण के लिए खतरनाक है। फैक्ट्री का केमिकल निकलकर सीधा नदी में चला जाता है जिससे नदी प्रदूषित हो रही है। सरकार के मुताबिक 67,00 करोड़ रुपये यमुना को साफ करने में लग चुके है मगर लोगों को ऐसा नही लगता कि इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है। इन सबके अलावा लोगों की डिमांड है कि सरकार को प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री बंद करनी चाहिए।





