नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पूरे देश आक्रोश का माहौल है। इस हमले में आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाकर हत्या की थी। कई महिलाओं के सुहाग उजड़ गए, जिनमें एक नवविवाहिता भी शामिल थी, जिसके पति को उसके सामने गोलियों से भून दिया गया। हमलावरों ने जाते-जाते उस महिला से कहा था, “जाकर मोदी से कह देना।” इस अमानवीय कृत्य के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों को माक़ूल जवाब मिलेगा। इसका जवाब ऑपरेशन सिंदूर के रूप में दिया गया।
बुधवार तड़के पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर एक के बाद एक नौ हमले किए गए। सूत्रों के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम खुद प्रधानमंत्री मोदी ने दिया। एक ऐसा नाम जो शहीद हुए लोगों के त्याग और उन विधवाओं की पीड़ा का प्रतीक बना।
पहलगाम हमले में मारे गए दिवंगतों के परिजनों ने की “ऑपरेशन सिंदूर” की तारीफ
पहलगाम हमले में मारे गए संतोष जगदाले की पत्नी प्रगति जगदाले ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करती हूं। उन्होंने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया कि भारत चुप बैठने वाला नहीं है।” इसी हमले में जान गंवाने वाले कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता गणबोटे ने भी सरकार की कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा कि “इस ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखकर सिर्फ जवाब ही नहीं दिया गया, बल्कि शहीदों की पत्नियों को सम्मान भी मिला है।” कानपुर के 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी भी उस दिन आतंक की बलि चढ़ गए। उनकी पत्नी ऐशान्या द्विवेदी, जिनकी शादी को दो महीने भी नहीं हुए थे, ने उस काली रात की यादें आज भी आंखों में समेट रखी हैं। लेकिन अब उनकी पीड़ा में एक उम्मीद और गर्व का सूरज उगा है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है।
भावुक शब्दों में ऐशान्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया धन्यवाद
ऐशान्या ने “ऑपरेशन सिंदूर” की सराहना करते हुए एक भावुक बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि “मेरे पति की मौत का बदला लेने के लिए मैं पीएम मोदी की आभारी हूं। हमारे पूरे परिवार को उन पर भरोसा था और उन्होंने उस भरोसे को कायम रखा। यह सिर्फ जवाब नहीं था, यह मेरे पति के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। आज जहां भी वो होंगे, शांति में होंगे।”




